डीजल की कीमतों ने अमेरिकी नागरिक और अर्थव्यवस्था पर डाला असर: विशेषज्ञ
अर्थशास्त्री हसन ओबैद ने कहा कि अमेरिका में पहली बार डीजल की कीमत 6.5 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई है, जिससे नागरिक और अर्थव्यवस्था प्रभावित हुए हैं।
मुख्य बिंदु
AIअर्थशास्त्र के प्रोफेसर हसन ओबैद ने बताया कि अमेरिका में पहली बार डीजल की कीमत 6.5 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चली गई है।
ओबैद ने 'अल अरबिया एफएम' से बातचीत में कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले डीजल का दाम 2 डॉलर प्रति गैलन था, जो बढ़कर 3.75 डॉलर हो गया था। इसके बाद डीजल की कीमतें एक ऐतिहासिक औसत तक पहुंच गईं, जिससे किसानों, परिवहन, शिपिंग और अंततः आम अमेरिकी नागरिक पर असर पड़ा।
उन्होंने आगे कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है। ब्याज दरों में वृद्धि के चलते भी डीजल महंगा हुआ है, क्योंकि भंडारण लागत अधिक होने से कंपनियों को कर्ज लेना पड़ता है। ओबैद ने यह भी बताया कि रूस में डीजल स्टेशनों पर यूक्रेन के हमलों से पहले डीजल निर्यात रोकने का फैसला लिया गया था।
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