जेद्दा में अज़्का किसान बाजार: कृषि और कला का संगम
जेद्दा के हाय जमील में अज़्का किसान बाजार शुरू हुआ, जो 7 नवंबर तक चलेगा। इस बार बाजार में अनार पर खास ध्यान है और यह कृषि उत्पादों के साथ सांस्कृतिक व कलात्मक गतिविधियाँ भी प्रस्तुत करता है।
मुख्य बिंदु
AIजेद्दा के हाय जमील में "अज़्का किसान बाजार" की गतिविधियाँ शुरू हो गई हैं, जो 7 नवंबर तक चलेंगी। इस बार बाजार में अनार और उसके खाद्य संस्कृति व कृषि परंपराओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बाजार में जेद्दा और सऊदी अरब के विभिन्न इलाकों से मौसमी और स्थानीय कृषि उत्पादों के साथ-साथ हस्तशिल्प वस्तुएँ भी उपलब्ध हैं। यहाँ आगंतुकों को किसानों और उत्पादकों से सीधे मिलने और राष्ट्रीय परियोजनाओं व टिकाऊ खाद्य प्रथाओं को जानने का मौका मिलता है।
बाजार के कार्यक्रम में अनार के इतिहास और आधुनिक कृषि विधियों पर ज्ञानवर्धक सत्र और संवाद शामिल हैं। साथ ही, काले अनार की खेती और नवाचार फसलों के अनुभव भी साझा किए जाते हैं, जिससे दर्शक इस फल से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत और कृषि ज्ञान से परिचित हो सकते हैं।
"मुस्तकशिफी हाय" कार्यक्रम के तहत "अनार की मुहर छपाई और संदेश लेखन" पर कार्यशाला आयोजित की गई है। इसके अलावा, जेद्दा आर्ट क्लब के सहयोग से चित्रकला सत्र भी है, जिससे प्रतिभागियों को कलात्मक अभिव्यक्ति और अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम का विस्तार जमील पुस्तकालय तक है, जहाँ कृषि, भोजन और पर्यावरणीय न्याय पर केंद्रित किताबें प्रदर्शित की गई हैं। इससे आगंतुकों को खाद्य संस्कृति, कृषि प्रथाओं और पर्यावरणीय मुद्दों के बीच संबंधों को समझने का अवसर मिलता है।
यह बाजार कृषि ज्ञान, सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियों के बीच समन्वय का उदाहरण है, जो किसानों, उत्पादकों और आम जनता के बीच संवाद को बढ़ाता है। इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान और भोजन, पर्यावरण व कला से जुड़ी सामुदायिक अनुभूतियों को समृद्ध किया जा रहा है।
