सामग्री पर जाएँ
गुरुवार, 13 अगस्त 2026 · रियाद
العربيةEnglishन्यूज़लेटरसंपर्क
अर्थजगत

2030 तक खाड़ी में ऊर्जा, उद्योग और डिजिटल निवेश 62.45 अरब डॉलर तक पहुँचेगा

2030 तक खाड़ी देशों में ऊर्जा, उन्नत उद्योग और डिजिटल क्षेत्र में निवेश 62.45 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जो 2023 की तुलना में लगभग 90% की वृद्धि है।

अजेल हिंदी2 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
खाड़ी देशों में ऊर्जा और डिजिटल निवेश सम्मेलन

मुख्य बिंदु

AI

पेरिस में 1 और 2 सितंबर को होने वाली वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट समिट 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी सहयोग परिषद देशों में नवीनीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, उन्नत उद्योग और डिजिटल ढांचे में कुल निवेश 2023 के 32.87 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 62.45 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। यह 29.58 अरब डॉलर की बढ़ोतरी और लगभग 90% की वृद्धि होगी।

आंकड़ों के अनुसार, नवीनीकरणीय ऊर्जा और हाइड्रोजन क्षेत्र तीनों में सबसे तेज़ी से बढ़ेगा। इसमें निवेश 2023 के 10.37 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 22.77 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, यानी 12.4 अरब डॉलर की वृद्धि और लगभग 120% की बढ़ोतरी।

यह वृद्धि खाड़ी देशों में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, नवीनीकरणीय स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता, हाइड्रोजन परियोजनाओं के विकास और उत्सर्जन घटाने व ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के समाधानों की बढ़ती माँग से जुड़ी है, जिससे यह क्षेत्र घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बन रहा है।

डिजिटल ढांचे में निवेश भी 2023 के 9.45 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 18.36 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है, यानी 8.91 अरब डॉलर की वृद्धि और 94% से अधिक की वृद्धि। इसका कारण डेटा सेंटर, क्लाउड सेवाओं, संचार नेटवर्क के विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तेज़ विकास को माना जा रहा है।

इस क्षेत्र की वृद्धि से तकनीकी ढांचे की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता भी सामने आई है, ताकि डेटा और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को संभाला जा सके। साथ ही, सरकारी, वित्तीय, औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के डिजिटलीकरण में तेजी और एआई व उभरती तकनीकों में निवेश बढ़ा है।

उन्नत उद्योगों में भी निवेश 2023 के 13.05 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 21.32 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, यानी 8.27 अरब डॉलर की वृद्धि और 63% से अधिक की वृद्धि।

इस क्षेत्र में वृद्धि का कारण खाड़ी देशों में उच्च मूल्यवर्धित उद्योगों का स्थानीयकरण, आपूर्ति श्रृंखलाओं का विकास, ऑटोमेशन और आधुनिक औद्योगिक तकनीकों का बढ़ता उपयोग और ऊर्जा, तकनीक व उन्नत निर्माण से जुड़े उद्योगों में निवेश में वृद्धि है।

आंकड़े दिखाते हैं कि इन तीनों क्षेत्रों के बीच आपसी संबंध भी बढ़ रहा है। डिजिटल ढांचे का विस्तार औद्योगिक बदलाव को समर्थन देता है, जबकि स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अधिक टिकाऊ स्रोत उपलब्ध कराते हैं, जिससे तकनीक, निर्माण और स्थिरता के नए निवेश रास्ते खुलते हैं।

समिट का लक्ष्य 25% निवेश आधुनिक तकनीकों में और 55% लक्षित परियोजनाओं में पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ESG) मानकों को अपनाना है, जिससे अधिक कुशल, टिकाऊ और दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव वाली परियोजनाएँ विकसित हों।

समिट के आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी देशों में 28.59 अरब डॉलर के यूरोपीय निवेश की उम्मीद है, साथ ही पहले साल में 15 संयुक्त परियोजनाएँ और 8 रणनीतिक साझेदारियाँ बनने की संभावना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, ढांचे और स्थिरता से जुड़ी तकनीकों में नए निवेश रास्ते खुलेंगे।

इस समिट में 2000 से अधिक प्रतिभागी और 100 वक्ता शामिल होंगे। इसमें 10 मुख्य सत्र, 16 कार्यशालाएँ और 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें होंगी, जिनका उद्देश्य पूँजी को संभावनाओं से जोड़ना, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा देना और प्रमुख निवेश क्षेत्रों में पहलों को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलना है।

टिप्पणियाँ (0)