नगरपालिका ठेकेदारों के लिए 'बलदी आमाल' पर नई योग्यता सेवा शुरू
नगर एवं आवास मंत्रालय ने 'बलदी आमाल' मंच पर नगरपालिका ठेकेदारों की योग्यता सेवा शुरू की, सुधार के लिए जून 2027 तक की मोहलत दी गई है।
मुख्य बिंदु
AIनगर एवं ग्रामीण मामलों और आवास मंत्रालय ने 'बलदी आमाल' मंच के जरिए नगरपालिका क्षेत्र के ठेकेदारों के लिए योग्यता सेवा शुरू की है। इसका उद्देश्य ठेकेदार कंपनियों को योग्यता की आवश्यकताओं को पूरा करने और統ित मानकों के अनुसार मान्यता प्राप्त करने में सक्षम बनाना है, जिससे सेवा प्रदाताओं की दक्षता बढ़े और वे नगरपालिका कार्यों व परियोजनाओं के लिए बेहतर तैयार हो सकें।
मंत्रालय ने बताया कि यह सेवा ठेकेदारों की योग्यता प्रक्रिया को व्यवस्थित करती है, जिसमें कानूनी और तकनीकी आवश्यकताओं की पूर्ति से लेकर, गुणवत्ता और परिचालन तत्परता के मानकों के अनुसार कंपनी का मूल्यांकन और अंत में लक्षित नगरपालिका क्षेत्रों में मान्यता शामिल है।
मंत्रालय के अनुसार, योग्यता के लिए आवश्यक है कि कंपनी के पास वैध व्यापार पंजीकरण और नगरपालिका लाइसेंस हो, वर्गीकरण प्रमाणपत्र और आवश्यक सदस्यताएँ पूरी हों, आवश्यक तकनीकी स्टाफ और अनुभव मौजूद हो, साथ ही 'बलदी आमाल' मंच पर सभी जरूरी जानकारी और दस्तावेज़ अपलोड किए गए हों।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवा統ित मूल्यांकन मानकों पर आधारित है, जिससे कंपनियों की दक्षता, विश्वसनीयता और तत्परता की पुष्टि होती है, और उनकी नगरपालिका कार्यों व सेवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप पूरा करने की क्षमता का आकलन होता है।
जून 2027 तक सुधार की मोहलत
मंत्रालय ने बताया कि ठेकेदार कंपनियों को योग्यता और मान्यता की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 30 जून 2027 तक सुधार की मोहलत दी गई है। मंत्रालय ने कंपनियों से अपील की है कि वे इस अवधि का लाभ उठाएँ और मंच के जरिए आवश्यक प्रक्रियाएँ शीघ्रता से पूरी करें।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि योग्यता प्रक्रिया कंपनियों को लक्षित नगरपालिका सेवाओं और क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार करती है, जिससे निष्पादित कार्यों की गुणवत्ता और लाभार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं की दक्षता बढ़ती है।
गौरतलब है कि यह सेवा पूरी तरह ऑनलाइन 'बलदी आमाल' मंच पर उपलब्ध है, जहाँ कंपनियाँ अपनी जानकारी भर सकती हैं, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर सकती हैं और योग्यता प्रक्रिया की स्थिति की निगरानी कर सकती हैं, जब तक कि उन्हें मान्यता न मिल जाए।
