इराक ने अतिरिक्त तेल निर्यात के लिए नए ज़मीनी मार्ग अपनाए
इराक की साउथ रिफाइनरी कंपनी ने सैन्य घटनाओं और खोर अल-ज़ुबैर बंदरगाह पर असर के चलते अतिरिक्त फ्यूल ऑयल और नेफ्था के निर्यात के लिए उत्तरी ज़मीनी मार्ग चुने हैं।
मुख्य बिंदु
AIइराक की साउथ रिफाइनरी कंपनी ने रविवार को बताया कि देश में रोज़ाना 6,000 घन मीटर पेट्रोल का उत्पादन हो रहा है और घरेलू बाज़ार की ज़रूरतें पूरी तरह से पूरी की जा रही हैं।
कंपनी ने इराकी समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि सैन्य घटनाओं के कारण खोर अल-ज़ुबैर बंदरगाह से निर्यात प्रभावित होने के बाद, इराकी ऑयल मार्केटिंग कंपनी 'सोमो' के साथ समन्वय कर अतिरिक्त फ्यूल ऑयल और नेफ्था के निर्यात के लिए उत्तरी ज़मीनी मार्गों को अपनाया गया है।
साउथ रिफाइनरी कंपनी के महाप्रबंधक हुसाम हुसैन ने बताया कि कंपनी प्रतिदिन लगभग 2,50,000 बैरल पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन जारी रखे हुए है। हाल की घटनाओं का असर केवल अतिरिक्त फ्यूल ऑयल और नेफ्था के निर्यात पर पड़ा है, पेट्रोल पर नहीं।
उन्होंने आगे बताया कि फिलहाल तीन उत्पादन इकाइयाँ रोज़ाना लगभग 6,000 घन मीटर पेट्रोल बना रही हैं, जिससे घरेलू बाज़ार में स्थिरता बनी हुई है।
हुसैन ने बताया कि बसरा रिफाइनरी की डिज़ाइन क्षमता 2,80,000 बैरल प्रतिदिन है, लेकिन गर्मियों में तापमान बढ़ने के कारण उत्पादन घटाकर लगभग 2,50,000 बैरल प्रतिदिन कर दिया गया है, ताकि उत्पादन इकाइयों की दक्षता बनी रहे।
उन्होंने बताया कि फिलहाल रिफाइनरी की तीन इकाइयाँ करीब 1,80,000 बैरल प्रतिदिन की क्षमता से चल रही हैं और अतिरिक्त उत्पादन की ज़रूरत पड़ने पर चौथी इकाई भी चालू की जाती है, जिससे कुल उत्पादन क्षमता लगभग 2,50,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुँच जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में एक उत्पादन इकाई के बंद होने और भंडार में कमी के कारण कंपनी ने पेट्रोल और डीज़ल की कुछ मात्रा आयात की है, लेकिन घरेलू बाज़ार पूरी तरह से स्थिर है और ज़रूरतें स्थानीय उत्पादन व आयात से पूरी की जा रही हैं।
