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अर्थजगत

सऊदी अरब एआई निवेश में दुनिया की शीर्ष 10 देशों में

विश्व बैंक की 2026 विकास रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निवेश में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल है, जो डिजिटल बुनियादी ढांचे और प्रतिभा आकर्षण में उल्लेखनीय प्रगति दर्शाता है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 5 मिनट का पठन
सऊदी अरब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निवेश का ग्राफ

मुख्य बिंदु

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विश्व बैंक समूह की 2026 की विश्व विकास रिपोर्ट "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वादा" में सऊदी अरब की वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में मजबूत स्थिति को रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब एआई क्षेत्र में निजी निवेश के मामले में दुनिया के शीर्ष दस देशों में शामिल है और यह एआई विशेषज्ञों के लिए आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है। साथ ही, सरकारी डेटा के एकीकरण में भी देश को एक मिसाल बताया गया है।

यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि सऊदी नेतृत्व के समर्थन और सशक्तिकरण का परिणाम है, जिसे विजन 2030 के तहत डेटा, कंप्यूटिंग और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए एकीकृत राष्ट्रीय रणनीति के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य एआई के भविष्य में सऊदी अरब की भूमिका को मजबूत करना है।

हाल ही में जारी यह रिपोर्ट विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में एआई के प्रभाव, इससे मिलने वाले अवसरों और इसके विकासात्मक प्रभाव को अधिकतम करने तथा जोखिमों के प्रबंधन के लिए आवश्यकताओं का पहला व्यापक मूल्यांकन है।

रिपोर्ट तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है: विशेषज्ञता तक पहुंच और निर्णय समर्थन की क्षमताएँ, उन्नत मॉडल, चिप्स और डेटा केंद्रों का सीमित देशों और कंपनियों में संकेंद्रण, और बुनियादी ढांचे, डेटा, कौशल व संस्थानों जैसे पूरक कारक।

इन्हीं बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट एक क्रमिक मार्गदर्शन देती है—पहले उपलब्ध टूल्स को अपनाना, फिर उन्हें स्थानीय भाषाओं, डेटा, संस्थाओं और जरूरतों के अनुसार ढालना, और अंततः उन्नत तकनीकों और उनके आधारभूत ढांचे का विकास करना।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई का लाभ केवल बड़े मॉडल रखने से नहीं, बल्कि एक समग्र प्रणाली—कनेक्टिविटी, कंप्यूटिंग, डेटा, कौशल और संस्थानों के निर्माण—से मिलता है। स्थानीय जरूरतों के अनुसार समाधान विशेषज्ञता की पहुंच बढ़ाते हैं, उत्पादकता में इजाफा करते हैं, सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाते हैं और आर्थिक विकास को गति देते हैं।

संकेंद्रण के पहलू में रिपोर्ट बताती है कि सऊदी अरब डेटा केंद्रों में निवेश और कंप्यूटिंग क्षमताओं के विकास के लिए टैक्स प्रोत्साहन और विशेष आर्थिक क्षेत्रों का लाभ उठाता है। यह रणनीति पूंजी आकर्षित करने के साथ-साथ प्रतिभा, स्टार्टअप्स, ऊर्जा और आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास को जोड़ती है, जिससे एआई अनुप्रयोगों का विस्तार संभव होता है।

डिजिटल बुनियादी ढांचे में तेज़ी से वृद्धि के चलते, देश में डेटा केंद्रों की क्षमता 2021 के 68 मेगावाट से बढ़कर 2025 में 440 मेगावाट और 2026 की पहली तिमाही में 467 मेगावाट हो गई है—2021 की तुलना में लगभग सात गुना वृद्धि। 2025 के अंत तक 4जी और 5जी नेटवर्क की कवरेज 99% तक पहुँच गई और इंटरनेट की औसत गति 216 मेगाबिट प्रति सेकंड रही, जिससे क्लाउड सेवाओं और एआई अनुप्रयोगों का विस्तार संभव हुआ।

क्षमताओं के संदर्भ में, रिपोर्ट बताती है कि 2025 में सऊदी अरब उन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था, जहाँ "लिंक्डइन" पर प्रति 10,000 सदस्यों में एआई पेशेवरों का शुद्ध प्रवाह सबसे अधिक रहा—लक्ज़मबर्ग, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड के साथ। देश ने 2025 में एआई के प्रमुख लेखकों और नवप्रवर्तकों की श्रेणी में 3.08 का शुद्ध प्रवाह दर्ज किया, जो तकनीकी प्रतिभाओं के लिए सऊदी माहौल की बढ़ती आकर्षण को दर्शाता है।

इस उपलब्धि के साथ, देश में तकनीकी कार्यबल की संख्या बढ़कर लगभग 4,26,000 हो गई है, जो 2018 के 1,50,000 की तुलना में 186.6% की वृद्धि है। वहीं, महिलाओं की भागीदारी आईटी और संचार क्षेत्रों में 35% तक पहुँच गई है, जिससे प्रतिभा का विविधीकरण और तकनीक व नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

पूरक कारकों के तहत, रिपोर्ट में सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्राधिकरण "सदाया" द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म को सरकारी डेटा इंटीग्रेशन का मॉडल बताया गया है, जिसमें 60 से अधिक सरकारी एजेंसियों के डेटा का एकीकरण किया गया है, जबकि डेटा अपने सिस्टम में ही रहता है। यह मॉडल डेटा के संगठित आदान-प्रदान, बेहतर अनुप्रयोग विकास, सुशासन, भरोसे और डेटा सुरक्षा को बढ़ावा देता है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था में व्यापक उपलब्धियों के तहत, इसकी जीडीपी में हिस्सेदारी 16% तक पहुँच गई है। 2025 में संचार और आईटी बाजार का आकार 199 अरब सऊदी रियाल रहा। साथ ही, सऊदी अरब ने 2025 में विश्व बैंक के डिजिटल गवर्नमेंट मैच्योरिटी इंडेक्स में दूसरा स्थान हासिल किया।

रिपोर्ट के निर्माण में सऊदी अरब की अंतरराष्ट्रीय एआई नीति चर्चाओं में भागीदारी भी दिखी। रिपोर्ट की उच्च स्तरीय सलाहकार समिति में संचार और आईटी मंत्री अब्दुल्ला बिन आमिर अल स्वाहा शामिल थे। रिपोर्ट टीम ने सऊदी प्रतिस्पर्धा और व्यापार केंद्र, विश्व बैंक-सऊदी ज्ञान केंद्र और अन्य सरकारी, निजी और शोध संस्थानों के विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया।

रिपोर्ट का प्रकाशन ऐसे समय हुआ है जब 10 मार्च 2026 को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 2026 को "एआई वर्ष" घोषित किया गया है, जो भविष्य की तकनीकों में राष्ट्रीय रुचि और नवाचार व प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विश्व बैंक की रिपोर्ट में आई टिप्पणियाँ दर्शाती हैं कि सऊदी अरब स्मार्ट युग में एकीकृत रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है—बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग, डेटा, क्षमताओं और नियामकीय माहौल के विकास के साथ। इससे देश वैश्विक डेटा और एआई केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और विजन 2030 के लक्ष्यों को आगे बढ़ा रहा है।

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