तेल बाज़ारों में ट्रंप के ईरान वार्ता बयान का असर
ऊर्जा विशेषज्ञ मुस्तफा अल-बज़रकान ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान से नई वार्ता के ऐलान पर तेल बाज़ारों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया क्यों दी।
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AIऊर्जा अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ. मुस्तफा अल-बज़रकान ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान के साथ नई वार्ता के ऐलान पर तेल बाज़ारों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया क्यों दी।
अल-बज़रकान ने 'अरबिया एफएम' पर बातचीत में कहा कि सैन्य कार्रवाई रुकने के बाद बयानबाज़ी की जंग शुरू होना तेल बाज़ारों के लिए आम बात है, और ट्रंप के बयान वार्ता को लेकर काफी स्पष्ट थे।
उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप का ऐलान पिछली सहमति की बहाली और अमेरिकी तेल उत्पादन बढ़ाने की ओर इशारा करता है। ट्रंप इस समय कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में उनके लिए तेल की कीमतें कम करना फायदेमंद है, भले ही इससे उत्पादक देशों पर असर पड़े।
केंद्र निदेशक ने बताया कि ट्रंप ने अपने नागरिकों से खासकर गर्मियों में ईंधन की कीमतें घटाने का वादा किया था, लेकिन अमेरिकी तेल निर्यात (नौ मिलियन बैरल प्रतिदिन) बढ़ने और रणनीतिक भंडार घटने के बावजूद ट्रंप के वार्ता संबंधी बयान के बाद तेल की कीमतें तुरंत गिर गईं, हालांकि आपूर्ति और मांग के अन्य कारक भी असर डालते हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र के कई देशों के हस्तक्षेप के बाद ईरान पर तय बड़ी सैन्य कार्रवाई रोकने और तनाव घटाकर वार्ता की मेज़ पर लौटने की घोषणा की थी। वार्ता में होर्मुज़ जलडमरूमध्य का मुद्दा प्रमुख है, ताकि क्षेत्रीय देश सुरक्षित समुद्री यातायात और अपने तेल का सुरक्षित निर्यात सुनिश्चित कर सकें, और ईरान की ओर से जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की कोशिशों को रोका जा सके।
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