अरब आर्थिक-सामाजिक सहयोग चुनौतियों से निपटने की अहम बुनियाद: सऊदी
काहिरा में अरब लीग की आर्थिक-सामाजिक परिषद की 118वीं बैठक सऊदी अध्यक्षता में शुरू हुई, जिसमें क्षेत्रीय सहयोग और विकास पर चर्चा हुई।
मुख्य बिंदु
AIअरब लीग की आर्थिक-सामाजिक परिषद की 118वीं मंत्रीस्तरीय बैठक गुरुवार को काहिरा स्थित महासचिवालय में सऊदी अरब की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस सत्र की अध्यक्षता सऊदी वित्त मंत्रालय के सहायक मंत्री अब्दुल्ला बिन अब्दुलरहमान बिन जरआ ने की, जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
परिषद ने साझा अरब हितों से जुड़ी कई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना, विकास की राहें मजबूत करना और आपसी व्यापार को प्रोत्साहित करना है, ताकि क्षेत्र में एकीकरण और आर्थिक वृद्धि के अवसर बढ़ सकें।
साझा प्रयासों और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में सऊदी प्रतिनिधि बिन जरआ ने कहा कि अरब देशों का आर्थिक और सामाजिक सहयोग चुनौतियों से निपटने और अवसरों का लाभ उठाने की अहम बुनियाद है। उन्होंने समन्वय और विचार-विमर्श से आगे बढ़कर ठोस क्रियान्वयन और मापनीय परिणामों की जरूरत पर बल दिया। इसके लिए उन्होंने कार्यान्वयन और निगरानी की प्रक्रियाओं को विकसित करने, पहलों को स्पष्ट लक्ष्यों और मापदंडों से जोड़ने तथा अरब सहयोगी संस्थाओं और विशेषज्ञ संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने की बात कही।
सऊदी अरब की विकास और तकनीकी उपलब्धियाँ
सहायक वित्त मंत्री ने सऊदी अरब की राष्ट्रीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि विश्व बैंक समूह की 2026 की विकास रिपोर्ट में सऊदी अरब को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश के मामले में दुनिया के शीर्ष दस देशों में शामिल किया गया है। साथ ही, सरकारी डेटा एकीकरण में क्षेत्रीय नेतृत्व को भी रेखांकित किया गया। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब ने दुनिया का पहला वर्चुअल अस्पताल शुरू किया है और तकनीकी अवसंरचना व क्षमताओं के विकास में भी अग्रणी है, जो सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों को समर्थन देता है।
प्रतिस्पर्धा में बढ़त और मानवीय भूमिका
बिन जरआ ने बताया कि सऊदी अरब 2026 की वैश्विक प्रतिस्पर्धा रिपोर्ट में दुनिया में 13वें और जी-20 देशों में तीसरे स्थान पर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन विकास संस्थान (IMD) ने जारी की है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार 2026 और 2027 के लिए सऊदी अरब की आर्थिक वृद्धि की संभावनाएँ भी मजबूत हैं, भले ही क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियाँ मौजूद हों। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किंग सलमान राहत और मानवीय कार्य केंद्र के जरिए सऊदी अरब संकट और आपदा प्रभावित देशों की सहायता में अपनी मानवीय और विकासशील भूमिका निभाता रहेगा।
अपने संबोधन के अंत में बिन जरआ ने उम्मीद जताई कि परिषद का यह नया सत्र अरब देशों के साझा प्रयासों को और मजबूत करेगा तथा ऐसी नीतियाँ सामने लाएगा, जो मौजूदा चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक सहयोग के नए रास्ते खोलेंगी।
गौरतलब है कि आर्थिक-सामाजिक परिषद, अरब लीग की प्रमुख संस्थाओं में से एक है, जिसमें सदस्य देशों के आर्थिक और वित्तीय मामलों के मंत्री शामिल होते हैं। यह परिषद साल में दो बार बैठक करती है, ताकि क्षेत्रीय आर्थिक-सामाजिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके और अरब शिखर सम्मेलनों के लिए एजेंडा तैयार किया जा सके।
