यूरोप में गेहूं की कीमतों में उछाल, काला सागर में तनाव बढ़ा
काला सागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव और रूस-यूक्रेन गेहूं निर्यात समझौते की उम्मीदें घटने से यूरोप में गेहूं महंगा हुआ।
मुख्य बिंदु
AIयूरोप में आज गेहूं की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण काला सागर क्षेत्र में बढ़ता तनाव और रूस तथा यूक्रेन से गेहूं निर्यात फिर से शुरू होने की उम्मीदों में कमी है।
पेरिस की 'यूरोनक्स्ट' एक्सचेंज में दिसंबर डिलीवरी के लिए गेहूं का दाम कारोबारी सत्र के अंत में 0.9% बढ़कर 243.75 यूरो प्रति टन पहुंच गया। वहीं, शिकागो एक्सचेंज में भी गेहूं की कीमतें मक्का के दाम बढ़ने के चलते करीब 2% चढ़ीं।
गेहूं को आयातकों की मांग से भी अतिरिक्त समर्थन मिला। शनिवार को पाकिस्तान ने 365,000 टन गेहूं खरीदा और 185,000 टन की नई निविदा जारी की। हालांकि, कीमतों में तेजी के बावजूद बाजारों में यह उम्मीद बनी हुई है कि यदि काला सागर के रास्ते सुरक्षित शिपिंग की अनुमति देने वाला कोई समझौता होता है तो कीमतों में फिर बदलाव आ सकता है।
