इस्तितला मंच पर 25 आर्थिक-विकास परियोजनाएँ आम राय के लिए पेश
सऊदी प्रतिस्पर्धा केंद्र के 'इस्तितला' मंच ने 19 सरकारी विभागों के साथ मिलकर 25 आर्थिक और विकास परियोजनाएँ आम जनता और हितधारकों की राय के लिए पेश की हैं।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी प्रतिस्पर्धा और व्यापार केंद्र से संबद्ध एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक मंच 'इस्तितला' ने 19 सरकारी संस्थाओं के सहयोग से आर्थिक और विकास से जुड़ी 25 परियोजनाएँ पेश की हैं, ताकि हितधारक इन पर अपनी राय और सुझाव दे सकें, इससे पहले कि इन्हें अंतिम रूप दिया जाए।
इन परियोजनाओं में 'मनी लॉन्ड्रिंग और संबंधित अपराधों तथा आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़ी जब्त और ज़ब्त की गई संपत्तियों के प्रबंधन की कार्यकारी नियमावली' शामिल है, जिसे नाबालिगों की संपत्तियों की देखरेख के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण ने पेश किया है। इसका मकसद संपत्तियों के प्रबंधन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना तथा सभी प्रक्रियाओं का दस्तावेजीकरण करना है। इस परियोजना पर राय देने की अंतिम तिथि 27 अगस्त 2026 है।
वहीं, पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय ने 'जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए कार्यकारी नियमावली के अद्यतन' का मसौदा पेश किया है, ताकि कैबिनेट के निर्णय संख्या 406 के अनुरूप लाल सागर में प्रवाल भित्तियों और कछुओं की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक संस्था के गठन को लागू किया जा सके। इस पर राय देने की अंतिम तिथि 28 अगस्त 2026 है।
आधुनिक संचार सेवाओं की उपलब्धता और दूरसंचार क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए, संचार, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी प्राधिकरण ने 'रिटेल टेलीकॉम सेवाओं के टैरिफ विनियमन के अद्यतन' का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, समानता और भेदभाव रहित सिद्धांतों को लागू करना है। इस पर राय देने की अंतिम तिथि 28 अगस्त 2026 है।
मंच पर पेश अन्य परियोजनाओं में 'पार्सल स्टेशन संचालन के लिए शर्तें' भी शामिल है, जिसे परिवहन प्राधिकरण ने पेश किया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र का नियमन, निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना, अंतिम मील सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना, प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना और उपभोक्ताओं के अनुभव व अधिकारों की रक्षा करना है। इस पर राय देने की अंतिम तिथि 1 सितंबर 2026 है।
'इस्तितला' मंच के ज़रिए इन नियमों और व्यवस्थाओं को पेश करने का मकसद विधायी पारदर्शिता बढ़ाना, आम जनता, सरकारी और निजी क्षेत्र में रायशुमारी की संस्कृति को बढ़ावा देना और व्यापारिक माहौल से जुड़ी परियोजनाओं के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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