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मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · रियाद
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अर्थजगत

जर्मनी को गर्मी और सूखे से 36 अरब यूरो का नुकसान

ग्रीनपीस की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल गर्मी और सूखे की वजह से जर्मनी की अर्थव्यवस्था को कम से कम 36 अरब यूरो का नुकसान हुआ है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 1 मिनट का पठन
जर्मनी में गर्मी और सूखे से प्रभावित खेत और जंगल

मुख्य बिंदु

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अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस के अनुमान के मुताबिक, इस साल गर्मी के मौसम में जर्मनी में पड़ी भीषण गर्मी और सूखे के कारण देश की अर्थव्यवस्था को कम से कम 36 अरब यूरो (करीब एक प्रतिशत जीडीपी) का नुकसान हुआ है।

संगठन ने अपने बयान में बताया कि इन नुकसानों का असर कई अहम क्षेत्रों पर पड़ा है, जिनमें श्रम बाजार, परिवहन, स्वास्थ्य, कृषि, वनों और शिक्षा शामिल हैं। तेज़ गर्मी और सूखे ने अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ डाला है।

ग्रीनपीस के अनुसार, सूखे के चलते वनों को लगभग 7.5 अरब यूरो का नुकसान हुआ, जबकि कृषि क्षेत्र को करीब 3.4 अरब यूरो की क्षति पहुंची।

संगठन ने यह भी बताया कि इन अनुमानों में जंगलों में लगी आग से हुई पूरी पर्यावरणीय क्षति शामिल नहीं है, जिसमें जैव विविधता का नुकसान, पीने के पानी के स्रोतों की सुरक्षा में कमी, मिट्टी के कटाव में वृद्धि और स्थानीय जलवायु को नियंत्रित करने की वनों की क्षमता में गिरावट जैसे प्रभाव भी शामिल हैं।

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