सऊदी अरब में वैश्विक टेक कंपनियाँ बढ़ा रही हैं उपस्थिति
सऊदी अरब में तकनीकी निवेश तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल बदलाव के क्षेत्र में टेक कंपनियों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब में तकनीकी निवेश की रफ्तार बड़ी विकास परियोजनाओं के साथ तेज़ी से बढ़ रही है। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और वर्कप्लेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में टेक कंपनियों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। इस माहौल में वैश्विक और क्षेत्रीय कंपनियाँ स्थानीय उपस्थिति को मजबूत करने और दीर्घकालिक साझेदारियाँ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, ताकि वे डिजिटल समाधानों की बढ़ती मांग और विज़न 2030 के लक्ष्यों में योगदान दे सकें।
प्रमुख परियोजनाओं के लिए तकनीकी विशेषज्ञता
मुनाअी आईटी कंपनी के कार्यकारी समिति के उपाध्यक्ष खालिद मुनाअी ने कहा कि सऊदी अरब में चल रही विकास परियोजनाएँ टेक कंपनियों के लिए बड़े अवसर लेकर आई हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी अपनी 50 वर्षों की आईटी विशेषज्ञता का उपयोग कर सऊदी बाजार की ज़रूरतों को पूरा करने और देश के डिजिटल बदलाव में योगदान देने की कोशिश कर रही है।
मुनाअी ने बताया कि कंपनी ने सरकारी एजेंसियों, मंत्रालयों, नगरपालिकाओं, बैंकों और निजी क्षेत्र के संस्थानों के साथ काम कर व्यापक अनुभव हासिल किया है, जिसे अब सऊदी अरब में लागू किया जा रहा है। आने वाले दस वर्षों में देश में बड़ी विकास परियोजनाएँ शुरू होने वाली हैं, जिनके लिए उन्नत तकनीक और विशेषज्ञ कंपनियों की ज़रूरत होगी।
उन्होंने कहा कि रियाद में एक्सपो 2030 और 2034 फुटबॉल विश्व कप जैसे आयोजनों से टेक कंपनियों के लिए और मौके बनेंगे। मुनाअी कंपनी नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और विशेष तकनीकी समाधानों के क्षेत्र में काम करती है।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने कतर विश्व कप 2022 की परियोजनाओं में भी हिस्सा लिया था, जिसमें स्टेडियम इन्फ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा शामिल थे। इन अनुभवों का लाभ अब सऊदी बाजार में उठाया जा रहा है।
मुनाअी समूह का कतर में 75 वर्षों का इतिहास है और आईटी क्षेत्र में यह लगभग 50 वर्षों से सक्रिय है। कंपनी ने एक साल पहले सऊदी बाजार में प्रवेश किया और अब अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।
महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए क्लाउड समाधान
आईएफएस के सऊदी अरब क्षेत्रीय निदेशक मोहम्मद सआदा ने कहा कि डिजिटल बदलाव की सफलता के लिए विशेष एप्लिकेशन से लेकर मजबूत क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर तक कई तत्वों का एक साथ आना ज़रूरी है।
उन्होंने बताया कि आईएफएस एसेट-इंटेंसिव सेक्टर के लिए विशेष एप्लिकेशन उपलब्ध कराती है और माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी से क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिलता है, जिससे ग्राहकों को उन्नत क्लाउड तकनीक और विशेष संस्थागत समाधान एक साथ मिलते हैं।
सआदा ने कहा कि सऊदी अरब आईएफएस के लिए न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रमुख विकास बाजार है। विज़न 2030 से जुड़े बदलावों में कंपनी की विशेषज्ञता वाले क्षेत्र — इन्फ्रास्ट्रक्चर, बिजली, तेल और गैस — शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि कंपनी सऊदी अरब में स्थायी उपस्थिति बनाना चाहती है और स्थानीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को सशक्त करने के लिए काम कर रही है। आईएफएस की 'लीप 2026' सम्मेलन में भागीदारी कंपनी की सऊदी बाजार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से वर्कप्लेस में बदलाव
लॉजिटेक के मध्य पूर्व और मध्य एशिया के प्रमुख मुराद अली ने कहा कि सऊदी अरब कंपनी के लिए एक अहम बाजार है, खासकर एआई और डिजिटल बदलाव में हो रहे निवेश के कारण।
उन्होंने बताया कि लॉजिटेक की सऊदी बाजार में मजबूत उपस्थिति और स्थानीय साझेदारों का नेटवर्क है। कंपनी सरकारी संस्थानों, बैंकों, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के साथ मिलकर विज़न 2030 में योगदान देना चाहती है।
कंपनी की सेवाएँ केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, वित्त, स्वास्थ्य और सरकारी क्षेत्रों के लिए भी विशेष समाधान उपलब्ध कराती है।
अली ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्कप्लेस को तेजी से बदल रहा है और संस्थाएँ इसे सुरक्षित और सहज तरीके से अपनाने और मौजूदा सिस्टम में एकीकृत करने पर ध्यान दे रही हैं। लॉजिटेक ऐसे समाधान दे रही है जो इंटीग्रेशन, सुरक्षा और उपयोग में आसानी को बढ़ाते हैं।
उन्होंने बताया कि हाइब्रिड और रिमोट वर्किंग के बढ़ने से सहयोगी तकनीकों की मांग भी बढ़ी है। कंपनी व्यक्तिगत और मीटिंग रूम के लिए ऐसे समाधान देती है, जिससे मीटिंग्स आसान, उत्पादक और कम खर्चीली बनती हैं, और इसके लिए जटिल तकनीकी ज्ञान की ज़रूरत नहीं पड़ती।
स्थानीय साझेदारियों से डेटा सेंटर का विस्तार
डेटा सेंटर क्षेत्र में, सबमर के मध्य पूर्व, अफ्रीका और तुर्की के महाप्रबंधक खालिद जामिद ने कहा कि स्थानीय साझेदारियाँ कंपनी की विकास रणनीति का अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने बताया कि सबमर का एसीईएस के साथ सहयोग — जिसमें डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर में कंपनी की वैश्विक विशेषज्ञता और एसीईएस की स्थानीय निर्माण एवं आईटी सेवाओं की जानकारी शामिल है — उन्नत समाधानों को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलने में मदद करता है।
जामिद ने बताया कि सऊदी अरब में कंपनी का क्षेत्रीय मुख्यालय और इंजीनियरिंग व कंसल्टिंग सेवा केंद्र है। आगे की योजनाओं में संयुक्त अरब अमीरात और उत्तरी अफ्रीका के बाजारों में विस्तार भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय साझेदार निर्माण, बिजली और तकनीकी सेवाओं में कंपनी के बिजनेस मॉडल का अहम हिस्सा हैं, खासकर एआई और डेटा सेंटर में बढ़ती निवेश गति के साथ।
जामिद ने बताया कि भूमि, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता और सरकारी नियमों व सुविधाओं के कारण सऊदी अरब डेटा सेंटर और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश के लिए आकर्षक बन गया है। सबमर अपनी यूरोपीय विशेषज्ञता को सऊदी बाजार की ज़रूरतों के अनुसार ढालने और भविष्य में क्षेत्र के अन्य बाजारों में विस्तार की योजना बना रही है।
