फेडरल रिजर्व में मतभेद और बढ़ती महंगाई से ब्याज दरों पर अनिश्चितता
अर्थशास्त्री अब्दुल्ला अल-नासिर ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लगातार पांचवीं बार ब्याज दर 3.75% पर स्थिर रखने का फैसला बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहा है।
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अर्थशास्त्री अब्दुल्ला अल-नासिर ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लगातार पांचवीं बार ब्याज दर 3.75% पर स्थिर रखने का फैसला ऐसे संकेतों के साथ आया है, जो बाजार में अनिश्चितता को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2016 के बाद पहली बार फेडरल रिजर्व के तीन सदस्य मतभेद में हैं।
अल-नासिर ने चैनल "अल-इखबारिया" से बातचीत में कहा कि "फॉरवर्ड गाइडेंस" को हटाने से निवेशकों के लिए फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। साथ ही, फेडरल रिजर्व के बयान को 150 शब्दों से कम करने से मौद्रिक नीति की स्पष्टता भी घटी है।
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अर्थशास्त्री ने बताया कि 30 साल की अवधि वाले बॉन्ड्स की यील्ड 17 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जो जोखिमों में बढ़ोतरी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बॉन्ड्स की चाल से सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना कम होती दिख रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि महंगाई दर 3.5% से बढ़कर 4% से ऊपर पहुंचने से अगले बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है।
