आईएमएफ ने लेबनान से कहा- जमाकर्ताओं से पहले शेयरधारकों को उठानी होंगी घाटे की जिम्मेदारी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने लेबनान सरकार से वित्तीय स्थिरता कानून में संशोधन की मांग की है ताकि घाटे का बोझ जमाकर्ताओं से पहले शेयरधारकों और द्वितीयक लेनदारों पर डाला जा सके।
मुख्य बिंदु
AIअंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने लेबनान सरकार से वित्तीय स्थिरता और जमा राशि वापसी संबंधी कानून में संशोधन की मांग की है।
आईएमएफ ने कहा कि वह चाहता है कि बैंकिंग क्षेत्र के पुनर्गठन के तहत घाटे का बोझ सबसे पहले शेयरधारकों और द्वितीयक लेनदारों पर डाला जाए, न कि जमाकर्ताओं पर।
आईएमएफ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी लेबनान यात्रा के समापन पर दोहराया कि दावों की प्राथमिकता का सम्मान किया जाए और जमाकर्ताओं पर घाटे का बोझ डालने से पहले शेयरधारकों और लेनदारों को जिम्मेदार ठहराया जाए, ताकि बैंकिंग क्षेत्र का पुनर्गठन सकारात्मक परिणाम दे और वित्तीय स्थिरता तथा सार्वजनिक ऋण बनाए रखा जा सके।
आईएमएफ ने 'वित्तीय अंतर कानून' के मसौदे को अंतरराष्ट्रीय मानकों और सिद्धांतों के अनुरूप बनाने का आह्वान किया और कहा कि जमा राशि वापसी का प्रस्ताव बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता और सार्वजनिक ऋण की निरंतरता के अनुरूप होना चाहिए।
इस कानून के तहत, जो वित्तीय सुधारों का हिस्सा है, करीब 80 अरब डॉलर की वित्तीय खाई की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह खाई सरकार द्वारा केंद्रीय बैंक से कर्ज लेने और केंद्रीय बैंक के स्थानीय बैंकों से उधार लेने के कारण बनी है। संकट तब गहरा गया जब सरकार ने केंद्रीय बैंक का कर्ज चुकाने में चूक की, जिससे बैंकों में ग्राहकों की जमा राशि की पूरी उपलब्धता नहीं रह गई।
