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सोमवार, 26 अक्तूबर 2026 · रियाद
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अल-फैसल यूनिवर्सिटी और सऊदी कार्गो में एआई सहयोग

रियाद स्थित अल-फैसल यूनिवर्सिटी और सऊदी कार्गो ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास के लिए समझौता किया है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
अल-फैसल यूनिवर्सिटी और सऊदी कार्गो के बीच समझौते का हस्ताक्षर

मुख्य बिंदु

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रियाद की अल-फैसल यूनिवर्सिटी ने सऊदी एयरलाइंस कार्गो (सऊदी कार्गो) के साथ लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संबंधित शैक्षणिक व वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें पाठ्यक्रम विकास, छात्रों के प्रशिक्षण और पेशेवर विकास कार्यक्रम भी शामिल हैं।

समझौते पर अल-फैसल यूनिवर्सिटी की ओर से वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के उपाध्यक्ष व मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. खालिद बिन मनाअ कतान ने, जबकि सऊदी कार्गो की ओर से रणनीति के उपाध्यक्ष हाशिम शरीफ ने हस्ताक्षर किए।

दोनों पक्षों ने संयुक्त शोध कार्यक्रम शुरू करने पर सहमति जताई, जिसमें विश्वविद्यालय के छात्र, फैकल्टी और कर्मचारी लॉजिस्टिक्स संचालन और उभरती तकनीकों—खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस—में भाग लेंगे। साथ ही, ऐसे पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे जो छात्रों को निजी क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल देंगे, और कंपनी के मुख्यालय में अल-फैसल के छात्रों के लिए शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग (तहमीर या को-ऑपरेटिव ट्रेनिंग) के अवसर मिलेंगे।

सहयोग के तहत लॉजिस्टिक्स सेवाओं में एआई के अनुप्रयोगों पर कार्यशालाएँ और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे, साथ ही दोनों संस्थाएँ सम्मेलनों, सेमिनारों और वैज्ञानिक व्याख्यानों में भाग लेंगी और लॉजिस्टिक्स सेवाओं के विकास में नवाचार को बढ़ावा देंगी। सऊदी कार्गो अपने कर्मचारियों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा पेश किए जाने वाले शैक्षणिक, प्रशिक्षण और पेशेवर विकास कार्यक्रमों का लाभ उठाने के अवसर भी तलाशेगी।

यह समझौता अल-फैसल यूनिवर्सिटी की एआई क्षेत्र में उपलब्धियों पर आधारित है। यहां की इंजीनियरिंग और एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैकल्टी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में स्नातक कार्यक्रम है, जिसमें कार्यस्थल पर ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शामिल है, और एप्लाइड एआई में मास्टर प्रोग्राम भी है, जिसमें मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और एआई सिस्टम पढ़ाए जाते हैं। विश्वविद्यालय का एआई सेंटर इस क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षा का नेतृत्व करता है, जबकि एआई अकादमी ने प्री-यूनिवर्सिटी छात्रों को व्यावहारिक ग्रीष्मकालीन कार्यक्रमों के जरिए इस क्षेत्र से परिचित कराया है।

डॉ. खालिद बिन मनाअ कतान ने कहा, "लॉजिस्टिक्स क्षेत्र सऊदी विजन 2030 के तहत देश की महत्वाकांक्षाओं में केंद्रीय भूमिका निभाता है। सऊदी कार्गो के साथ हमारी साझेदारी से अल-फैसल यूनिवर्सिटी की एआई में स्नातक, स्नातकोत्तर और अनुसंधान क्षमताएँ क्षेत्र की अग्रणी एयर कार्गो कंपनी से जुड़ती हैं, जिससे हमारे छात्र और फैकल्टी राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों पर काम कर सकेंगे।"
कतान ने आगे कहा कि छात्रों को सऊदी कार्गो की विशेषज्ञता के साथ प्रशिक्षण देना और कार्यक्रमों को कर्मचारियों के लिए खोलना दोनों ओर ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ाता है। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिभाओं के विकास, नवाचार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के परिवर्तन को समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई।
वहीं, हाशिम शरीफ ने कहा, "सऊदी कार्गो में हम मानते हैं कि अकादमिक विशेषज्ञता को स्मार्ट समाधानों और एआई तकनीकों से जोड़ना लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की आकांक्षाओं की पूर्ति में मदद करता है। हम अल-फैसल यूनिवर्सिटी के साथ ऐसे संयुक्त शोध कार्यक्रमों पर काम करना चाहते हैं जो श्रम बाजार की जरूरतें पूरी करें, साथ ही छात्रों और कर्मचारियों के लिए फील्ड ट्रेनिंग और पेशेवर विकास के अवसर खोलें, जिससे एयर कार्गो की दक्षता बढ़े और राष्ट्रीय प्रतिभाएँ लॉजिस्टिक्स के भविष्य की मुख्य प्रेरक बनें।"

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