प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधनों के 4 मुख्य उद्देश्य: विशेषज्ञ
पत्रकार हमाद अल-कशानीन ने बताया कि प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित संशोधनों का मकसद प्रतिस्पर्धा सुरक्षा को मजबूत करना और दंड प्रक्रिया को लचीला बनाना है।
मुख्य बिंदु
AIपत्रकार हमाद अल-कशानीन ने बताया कि प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण द्वारा प्रतिस्पर्धा कानून में प्रस्तावित संशोधनों के क्या उद्देश्य हैं।
अल-कशानीन ने 'इख़बारिया रेडियो' से बातचीत में कहा कि ये संशोधन प्रतिस्पर्धा सुरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और प्राधिकरण को दंड लागू करने के लिए कई विकल्प देने के लिए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि प्रस्तावित संशोधनों का मकसद संदिग्ध कंपनियों को जांच पूरी होने तक अधिकतम 120 दिनों के लिए रोकना, निगरानी को सशक्त बनाना और अनुपालन का स्तर बढ़ाना भी है।
उन्होंने कहा कि ये संशोधन प्रतिस्पर्धा सुरक्षा प्रणाली का व्यापक विकास हैं, जिनमें निगरानी का विस्तार और दंड में क्रमिकता शामिल है। जैसे ही किसी कंपनी पर प्रतिस्पर्धा कानून उल्लंघन का संदेह होता है, उसे 120 दिनों तक रोका जा सकता है, जिससे कंपनियां त्वरित कार्रवाई से डरेंगी।
प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित संशोधनों में उन लोगों को इनाम देने का प्रावधान भी है, जो एकाधिकार, प्रतिस्पर्धा-रोधी समझौतों या प्रभुत्व के दुरुपयोग जैसी गतिविधियों का खुलासा करते हैं। इससे निगरानी और उल्लंघनों की समय रहते पहचान की प्रभावशीलता बढ़ेगी।
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