मिस्र में पहली बार टैक्स बॉन्ड जारी करने की मंजूरी
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने पहली बार ऐसे टैक्स बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी है, जिन्हें करदाताओं द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा और भविष्य की टैक्स देनदारियों से समायोजित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु
AIमिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने पहली बार ऐसे टैक्स बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी है, जिन्हें करदाताओं द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा और भविष्य की टैक्स देनदारियों से समायोजित किया जाएगा। इन बॉन्ड्स का उद्देश्य देश की वित्तीय जरूरतों और कर्ज सेवा की लागत को कम करना है।
यह फैसला राष्ट्रपति और मिस्र के वित्त मंत्री के बीच हुई बैठक में लिया गया, जिसमें मंत्री ने वित्त वर्ष 2025/2026 के समापन पर वित्तीय प्रदर्शन और बजट में शामिल प्रमुख आर्थिक संकेतकों की समीक्षा की।
वित्त मंत्री ने बताया कि 2025/2026 के पहले नौ महीनों में मिस्र की वास्तविक आर्थिक वृद्धि दर 5.2% रही है। अधिकांश आर्थिक संकेतकों में सुधार देखा गया है, जिसमें बाहरी कर्ज में कमी, टैक्स आधार का विस्तार, प्रक्रियाओं का सरलीकरण और डिजिटलीकरण, गैर-कर राजस्व में वृद्धि और मिस्र के शेयर बाजार का बेहतर प्रदर्शन शामिल है।
राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि अहमद कजोक ने टैक्स में छूट की दूसरी श्रृंखला की जानकारी दी, जो राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से आर्थिक वृद्धि को समर्थन, प्रक्रियाओं को सरल बनाने, बोझ कम करने और मिस्र की अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिली है। कारोबारी समुदाय ने इस पहल का स्वागत किया है और पिछले वित्त वर्ष में टैक्स राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई है।
राष्ट्रपति अल-सीसी ने टैक्स प्रणाली के विकास और सेवाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया और टैक्स छूट की तीसरी श्रृंखला शुरू करने के निर्देश दिए, साथ ही निवेशकों के साथ विश्वास बनाए रखने की बात कही।
बैठक में बजट से जुड़े कर्ज के संकेतकों की समीक्षा भी हुई, जिसमें बताया गया कि सरकार ने पिछले दो वर्षों में कर्ज को जीडीपी के अनुपात में लगभग 13.2% तक घटाया है और आगे भी इसमें सुधार का लक्ष्य रखा है, जिससे नागरिकों और निवेशकों को लाभ होगा।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने, ठोस कचरे के पुनर्चक्रण और उसे वैकल्पिक ईंधन में बदलने के लिए वित्तीय सहायता देने की नई पहलें भी चर्चा में रहीं, ताकि लागत कम हो और सभी पक्षों को लाभ मिले।
राष्ट्रपति अल-सीसी ने समुद्र तटीय पर्यटन भूमि के उपयोग से जुड़े कानूनों के सख्त पालन की आवश्यकता बताई और निर्देश दिया कि एक सरकारी समिति बनाकर स्थिति की जांच की जाए, ताकि नागरिकों को समुद्र तटों तक स्वतंत्र पहुंच मिल सके। बिना पूर्व अनुमति के समुद्र तट से 200 मीटर के भीतर कोई निर्माण न हो, इसका भी निर्देश दिया गया।
राष्ट्रपति ने सभी प्रांतों में रियल एस्टेट परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक समिति बनाने के निर्देश दिए, ताकि तय समय पर आवास इकाइयों की डिलीवरी सुनिश्चित हो, अनुबंधों का सम्मान हो और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, इन कदमों की नियमित जानकारी राष्ट्रपति को दी जाए।
