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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें 0.25% बढ़ाईं

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मुख्य ब्याज दर में 0.25% की बढ़ोतरी की है, जो 2023 के बाद पहली बार है। यह कदम महंगाई और ऊर्जा कीमतों के दबाव से निपटने के लिए उठाया गया है।

अजेल हिंदी59 मिनट पहले · 1 मिनट का पठन
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का मुख्यालय और बढ़ी ब्याज दर

मुख्य बिंदु

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मुख्य ब्याज दर में 25 आधार अंकों (0.25%) की बढ़ोतरी की है। यह 2023 के बाद पहली बार है जब ब्याज दरें बढ़ाई गई हैं। यह फैसला लगातार बनी महंगाई और ऊर्जा कीमतों के दबाव से निपटने के लिए लिया गया है।

इससे पहले लंबे समय तक फेडरल रिजर्व ने या तो ब्याज दरें घटाईं या स्थिर रखीं। बाजारों में इस नीति बदलाव को लेकर काफी उम्मीदें थीं, खासकर महंगाई के बने रहने की आशंका के बीच।

यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि यह 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी है। साथ ही, यह फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श के नेतृत्व में मौद्रिक नीति के नए दौर की शुरुआत है, जिनके सामने महंगाई पर काबू पाने और अर्थव्यवस्था की मजबूती बनाए रखने की दोहरी चुनौती है।

वित्तीय बाजारों के निवेशक ब्याज दर के फैसले के साथ-साथ फेडरल रिजर्व अध्यक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंस और ओपन मार्केट कमेटी के सदस्यों के नए आर्थिक अनुमान पर भी नजर रखे हुए हैं, ताकि आगामी बैठकों में ब्याज दरों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकें।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर कर्ज की लागत पर पड़ता है। इससे क्रेडिट कार्ड और कुछ अन्य कर्जों पर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, जबकि बचत खातों और डिपॉजिट सर्टिफिकेट्स पर रिटर्न में इजाफा हो सकता है।

बाजार इस फैसले के डॉलर, शेयर, बॉन्ड और सोने पर असर को भी देख रहे हैं। खासकर, अगर फेडरल रिजर्व ने आगे भी दरें बढ़ाने के संकेत दिए तो आने वाले समय में इन परिसंपत्तियों की चाल प्रभावित हो सकती है।

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