सऊदी अरब ने भारत से आयातित लोहे की पाइपों पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया
सऊदी अरब ने भारत से आयातित लोहे की पाइपों और ट्यूबों पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने का फैसला किया है, जो जल, सीवेज और सिंचाई नेटवर्क में इस्तेमाल होती हैं।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री और जनरल अथॉरिटी फॉर फॉरेन ट्रेड के चेयरमैन डॉ. माजिद बिन अब्दुल्ला अल-कसाबी ने भारत से आयातित लोहे की पाइपों और ट्यूबों (डक्टाइल आयरन पाइप) पर अंतिम डंपिंग रोधी शुल्क लगाने का आदेश जारी किया है। ये पाइपें 100 मिमी से 1000 मिमी व्यास की हैं और K9 व C क्लास से लेकर C40 तक की तकनीकी विशिष्टताओं वाली हैं, जिनका उपयोग जल आपूर्ति, वर्षा जल निकासी, सीवेज, सिंचाई और अग्निशमन नेटवर्क में होता है।
यह आदेश और सार्वजनिक घोषणा 'उम अल-कुरा' अखबार में प्रकाशित की गई है। डंपिंग रोधी शुल्क 5 वर्षों के लिए लागू रहेगा, जिसकी शुरुआत 4 अगस्त 2026 से होगी। इसके तहत, जकात, टैक्स और कस्टम्स अथॉरिटी को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित उत्पादों पर 16.96% से 29.94% के बीच शुल्क वसूलें, जैसा कि आदेश में दिए गए तालिका में विस्तार से बताया गया है।
यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय व्यापार में व्यापारिक उपायों के सऊदी नियमों के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय उद्योग को अनुचित व्यापारिक व्यवहार से बचाना है। यह फैसला 23 जुलाई 2025 को स्थानीय उद्योग की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच के अंतिम निष्कर्षों के आधार पर लिया गया है।
आदेश और सार्वजनिक घोषणा से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए जनरल अथॉरिटी फॉर फॉरेन ट्रेड की आधिकारिक वेबसाइट (gaft.gov.sa) पर 'व्यापारिक उपायों की जांच संबंधी घोषणाएँ और परिपत्र' पृष्ठ देखा जा सकता है।
गौरतलब है कि जनरल अथॉरिटी फॉर फॉरेन ट्रेड का उद्देश्य सऊदी अरब के अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक हितों की रक्षा और उन्हें बढ़ाना है, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
