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अर्थजगत

वित्त मंत्रालय ने 2027 के बजट का प्रारंभिक बयान जारी किया

सऊदी वित्त मंत्रालय ने 2027 के लिए बजट का प्रारंभिक बयान जारी किया, जिसमें 1.392 ट्रिलियन रियाल खर्च और 1.202 ट्रिलियन रियाल राजस्व का अनुमान है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 4 मिनट का पठन
सऊदी वित्त मंत्रालय का बजट बयान 2027

मुख्य बिंदु

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सऊदी वित्त मंत्रालय ने आज 1448/1449 हिजरी (2027) के लिए देश के आम बजट का प्रारंभिक बयान जारी किया। इसमें अनुमान जताया गया है कि कुल खर्च लगभग 1.392 ट्रिलियन सऊदी रियाल और कुल राजस्व करीब 1.202 ट्रिलियन रियाल रहेगा, जिससे सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3.6% घाटा रहने की संभावना है। यह बजट आर्थिक विकास को समर्थन देने, विकास प्राथमिकताओं को लागू करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के संतुलित दृष्टिकोण के तहत तैयार किया गया है।

बयान में कहा गया है कि सऊदी अर्थव्यवस्था ने विजन 2030 के तहत शुरू किए गए आर्थिक सुधारों का लाभ उठाया है, जिससे आर्थिक आधार में विविधता आई है, कारोबारी माहौल बेहतर हुआ है और निजी क्षेत्र की भूमिका मजबूत हुई है। इसका असर गैर-तेल क्षेत्रों के प्रदर्शन और आर्थिक विकास में उनकी निरंतर भागीदारी पर भी दिखा है, साथ ही इससे अर्थव्यवस्था को झटकों का सामना करने की क्षमता भी बढ़ी है।

आर्थिक विविधीकरण और सुधार पहलों के चलते मध्यम अवधि में राजस्व को समर्थन मिलने की उम्मीद है। 2027 में कुल राजस्व लगभग 1.202 ट्रिलियन रियाल और 2029 में यह 1.351 ट्रिलियन रियाल तक पहुंच सकता है। इन पहलों से गैर-तेल राजस्व 2015 के 166 अरब रियाल से बढ़कर 2025 में 505 अरब रियाल तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे आमदनी की स्थिरता और निरंतरता को बल मिला है। खर्च 2027 में 1.392 ट्रिलियन रियाल और 2029 में 1.544 ट्रिलियन रियाल तक पहुंच सकता है, जिसमें विकास और रणनीतिक प्राथमिकताओं तथा आर्थिक-सामाजिक लाभ वाले परियोजनाओं पर खर्च जारी रहेगा।

2027 के बजट में सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3.6% घाटा रहने का अनुमान है। यह दीर्घकालिक वित्तीय योजना और स्थिरता पर आधारित नीति के तहत है, जिससे सरकार को आर्थिक चक्रों के दौरान संतुलित वित्तीय नीतियां अपनाने, विकास को समर्थन देने और विजन 2030 के लक्ष्यों की दिशा में प्राथमिक परियोजनाओं को जारी रखने में मदद मिलेगी।

2026 के दौरान आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाओं ने सऊदी अरब की आर्थिक वृद्धि की गति को प्रभावित किया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 3.6% की गिरावट आ सकती है, जिसका मुख्य कारण तेल क्षेत्र की गतिविधियों में अनुमानित 21.8% की कमी है। वहीं, गैर-तेल क्षेत्रों में 3.2% की सकारात्मक वृद्धि जारी रहने की संभावना है, जिससे तेल क्षेत्र की गिरावट का असर कुछ हद तक कम होगा।

बयान में 2026 के लिए प्रमुख आर्थिक संकेतकों का भी उल्लेख किया गया है। वर्ष की पहली छमाही में गैर-तेल क्षेत्रों में 1.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे उनकी जीडीपी में हिस्सेदारी ऐतिहासिक स्तर 57.3% तक पहुंच गई। यह स्थानीय मांग और निजी निवेश के प्रवाह से संभव हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 2026 में महंगाई दर 2.1% तक बढ़ सकती है, जबकि सऊदी नागरिकों में बेरोजगारी दर 2026 की दूसरी तिमाही में घटकर 6.5% रह गई है।

बयान के अनुसार, सरकार मध्यम अवधि की ऋण रणनीति के तहत स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्त जुटाने की प्रक्रिया जारी रखेगी। इसमें सार्वजनिक और निजी चैनलों के जरिए बॉन्ड, सुकूक और ऋण जारी करना और साथ ही वैकल्पिक सरकारी वित्तपोषण के तहत परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और निर्यात ऋण एजेंसियों के लिए वित्त जुटाना शामिल है।

वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जदआन ने कहा कि 2027 के बजट के लिए प्रारंभिक अनुमान ऐसे वैश्विक आर्थिक माहौल में आए हैं, जिसमें अनिश्चितता और भू-राजनीतिक घटनाएं तेज हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अपनी वित्तीय नीति को दीर्घकालिक नजरिए से संचालित करता है, जिससे वह बदलावों का सामना करने, विकास और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर खर्च जारी रखने, वित्तीय स्थिरता और मजबूत वित्तीय स्थिति बनाए रखने में सक्षम है।

उन्होंने कहा, "सरकार आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाओं की निगरानी और उनके संभावित प्रभावों का मूल्यांकन करती रहेगी, चाहे वह वैश्विक अर्थव्यवस्था, आपूर्ति शृंखलाएं या ऊर्जा बाजार हों, और इनसे निपटने के लिए लचीली और अग्रसक्रिय नीतियां अपनाएगी, ताकि अर्थव्यवस्था को समर्थन मिले और विजन 2030 के लक्ष्यों की दिशा में प्रगति जारी रहे।"

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार आर्थिक परिवर्तन की योजनाओं को लागू करने, विकास को समर्थन देने और आर्थिक आधार को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे गैर-तेल राजस्व में वृद्धि होगी और मध्यम व दीर्घकाल में राजस्व की स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 में अनुमानित घाटा ऐसी वित्तीय नीति के तहत है, जिसका उद्देश्य सऊदी अरब की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखना, वित्तीय स्थिरता को बढ़ाना, विकास को समर्थन देना, बदलावों के साथ तालमेल बैठाना और आपात जरूरतों व संकटों का प्रबंधन करना है। इसके लिए सार्वजनिक ऋण और पर्याप्त वित्तीय भंडार के स्थायी स्तर बनाए रखे जाएंगे।

गौरतलब है कि यह लगातार नौवां साल है जब प्रारंभिक बजट बयान जारी किया गया है। इसमें सरकार की ओर से वित्तीय प्रदर्शन में पारदर्शिता बढ़ाने, वित्तीय खुलासे को मजबूत करने और नागरिकों, निवेशकों व इच्छुक पक्षों को प्रमुख आर्थिक घटनाक्रमों और आगामी वर्ष व मध्यम अवधि के वित्तीय अनुमानों की जानकारी देने के प्रयासों को दर्शाया गया है।

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