तेल निर्यात में 19.5% बढ़ोतरी सऊदी अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत
आर्थिक सलाहकार उमर बाहलिवा ने मई में सऊदी तेल निर्यात में 19.5% की वृद्धि को देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती और झटकों को झेलने की क्षमता का प्रमाण बताया।
मुख्य बिंदु
AIआर्थिक सलाहकार संस्थान के प्रमुख उमर बाहलिवा ने मई में सऊदी अरब के तेल निर्यात में 19.5% की बढ़ोतरी को सराहा, जिससे निर्यात 70.9 अरब सऊदी रियाल तक पहुंच गया।
बाहलिवा ने 'अल-इख़बारिया' चैनल से बातचीत में कहा कि तेल निर्यात में यह वृद्धि सऊदी अर्थव्यवस्था की मजबूती और भू-राजनीतिक व लॉजिस्टिक झटकों को झेलने की उसकी क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बाब अल-मंदब और होर्मुज जलडमरूमध्य में चुनौतियों के बावजूद सऊदी अर्थव्यवस्था विकास कर रही है, खर्च और विकास परियोजनाएँ जारी हैं। तेल निर्यात में यह उछाल राजनीतिक और आर्थिक संकेत देता है, जो ईरान-अमेरिका युद्ध के प्रभावों से जुड़ा है।
उन्होंने आगे बताया कि सऊदी अरब ने अपने बंदरगाह और सीमाएँ खाड़ी सहयोग परिषद के पांच देशों और जॉर्डन के लिए खोल दी हैं, जिससे इन देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं, चाहे वह समुद्री, थल या वायु मार्ग से हो। साथ ही, पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन के जरिए तेल कुशलता से लाल सागर के बंदरगाहों तक पहुँच रहा है, जिससे निर्यात की निरंतरता बनी हुई है। इस पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाकर लगभग 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन करने की योजना है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि खाड़ी देशों की कुछ आयात वस्तुएँ सऊदी अरब के रास्ते आती हैं, जो देश की दूरदर्शी नीति और मजबूत बुनियादी ढांचे को दर्शाता है। जेद्दा इस्लामिक पोर्ट पर लाल सागर में एक बड़ा वेयरहाउस भी खोला गया है, जिससे आयात-निर्यात का दायरा बढ़ेगा।
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