बाहा में फ्रेंचाइज़ी टूर प्रदर्शनी शुरू, 20 से अधिक ब्रांड शामिल
बाहा क्षेत्र में आज फ्रेंचाइज़ी टूर प्रदर्शनी की शुरुआत हुई, जिसमें 20 से अधिक ब्रांड भाग ले रहे हैं।
मुख्य बिंदु
AIबाहा क्षेत्र में आज फ्रेंचाइज़ी टूर प्रदर्शनी की शुरुआत हुई, जिसका आयोजन सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज "मनशात" ने, बाहा चैंबर के सहयोग और कई सरकारी व वित्तीय संस्थाओं की भागीदारी से किया। उद्घाटन में बाहा क्षेत्र के कार्यवाहक विकास मामलों के उप-राज्यपाल रजब अल-जहरानी, बाहा चैंबर के चेयरमैन माशी बिन मोहम्मद अल-ओमारी और सऊदी चैंबर्स फेडरेशन की नेशनल फ्रेंचाइज़ी कमेटी के अध्यक्ष खालिद अल-गामदी मौजूद रहे।
पहले दिन कई विशेषज्ञ कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। शुरुआत "फ्रेंचाइज़ी में कानूनी पहलू" विषयक कार्यशाला से हुई, इसके बाद "फ्रेंचाइज़ी में मान्यता प्राप्त ग्रांटर कैसे बनें" और फिर सामाजिक विकास बैंक द्वारा फ्रेंचाइज़ी क्षेत्र के लिए दी जाने वाली वित्तीय सेवाओं पर कार्यशाला हुई।
कार्यक्रम में एक संवाद सत्र भी हुआ, जिसमें स्थानीय अर्थव्यवस्था में फ्रेंचाइज़ी के योगदान, निवेश के प्रमुख अवसरों और सरकारी संस्थाओं द्वारा दी जा रही सेवाओं पर चर्चा हुई। साथ ही, ब्रांड मार्केटिंग की रणनीतियों और संचालन गाइड तैयार करने की विधियों पर दो कार्यशालाएँ भी आयोजित की गईं।
जनरल अथॉरिटी फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज के प्रवक्ता बद्र अल-कादी ने बताया कि बाहा में फ्रेंचाइज़ी टूर का उद्देश्य फ्रेंचाइज़ी की अवधारणा, उसके नियमों और कार्यान्वयन प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही, उद्यमियों, निवेशकों और संस्थाओं को संबंधित पक्षों से जोड़ना है, जिससे विस्तार और निवेश के अवसर बढ़ें और फ्रेंचाइज़ी क्षेत्र का विकास हो तथा उसका जीडीपी में योगदान बढ़े।
उन्होंने बताया कि इस टूर में 20 से अधिक फ्रेंचाइज़ी ग्रांटर ब्रांड्स हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा, वित्तीय और सशक्तिकरण संस्थाएँ, संवाद सत्र, विशेषज्ञ कार्यशालाएँ और सलाहकार सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे आगंतुक निवेश के अवसरों, कानूनी, संचालन और विपणन पहलुओं को जान सकें और सहयोगी कार्यक्रमों व सेवाओं का लाभ उठा सकें।
अल-कादी ने यह भी कहा कि यह टूर एक ऐसा मंच है, जो निवेशकों और उद्यमियों को फ्रेंचाइज़ी ब्रांड्स, सहयोगी और वित्तीय संस्थाओं से जोड़ता है। इससे निवेश साझेदारियाँ बनती हैं, उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन होता है और विशेषज्ञ सलाह व वित्तीय-सशक्तिकरण कार्यक्रमों का लाभ मिलता है, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों की वृद्धि और फ्रेंचाइज़ी मॉडल के जरिए विस्तार को बढ़ावा मिलता है।
