2030 तक खाड़ी में बैंकों और रियल एस्टेट में 51.68 अरब डॉलर निवेश
पेरिस में 1-2 सितंबर 2026 को होने वाली वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन के आंकड़ों के मुताबिक, 2030 तक खाड़ी देशों में बैंकिंग, बीमा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में निवेश 51.68 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु
AIपेरिस में 1 और 2 सितंबर 2026 को होने वाली वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन के आंकड़ों के अनुसार, खाड़ी देशों में बैंकिंग, बीमा, निर्माण और रियल एस्टेट क्षेत्रों में कुल निवेश 2023 के 34.25 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 51.68 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह 17.43 अरब डॉलर की बढ़ोतरी और लगभग 51% की वृद्धि दर्शाता है।
आंकड़ों के मुताबिक, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में निवेश 2023 के 11.25 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 19.4 अरब डॉलर हो सकता है, जो 72% से अधिक की वृद्धि है। यह विस्तार डिजिटल बैंकिंग सेवाओं, फिनटेक समाधानों की वृद्धि और बड़े प्रोजेक्ट्स व नई आर्थिक गतिविधियों से जुड़े वित्त और बीमा की बढ़ती मांग के चलते संभव हुआ है।
इस क्षेत्र की वृद्धि खाड़ी की वित्तीय संस्थाओं में तेज डिजिटल बदलाव, भुगतान प्रणालियों के विकास और स्मार्ट बैंकिंग सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता से जुड़ी है। साथ ही, कंपनियों और व्यक्तियों की वित्तीय और बीमा उत्पादों की जरूरतें भी बढ़ रही हैं।
और विशेष बीमा उत्पादों की मांग भी बढ़ रही है।
निर्माण और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश 2023 के 23 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 32.28 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो लगभग 40% की वृद्धि है। यह वृद्धि शहरों, आवासीय, वाणिज्यिक और पर्यटन परियोजनाओं के विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे व संपत्तियों की मांग से प्रेरित है।
यह वृद्धि खाड़ी देशों में बड़े प्रोजेक्ट्स के लगातार क्रियान्वयन, शहरी विकास पर बढ़ते खर्च और आवास, हॉस्पिटैलिटी, ऑफिस और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में मांग के साथ-साथ सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों की साझेदारी के विस्तार को दर्शाती है।
इन दोनों क्षेत्रों के बीच तालमेल से वृद्धि की संभावनाएं मजबूत होती हैं। बैंक और बीमा कंपनियां रियल एस्टेट और निर्माण परियोजनाओं के लिए वित्त और जोखिम प्रबंधन समाधान देती हैं, जबकि परियोजनाओं के विस्तार से क्रेडिट, बैंकिंग और बीमा सेवाओं की मांग भी बढ़ती है।
शिखर सम्मेलन का लक्ष्य 25% निवेश आधुनिक तकनीकों में लगाना है, जबकि 55% लक्षित परियोजनाओं में पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ESG) मानकों को अपनाना है। इससे अधिक कुशल इमारतों, उन्नत वित्तीय सेवाओं और दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव वाली परियोजनाओं का विकास संभव होगा।
शिखर सम्मेलन के आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी सहयोग परिषद देशों में यूरोपीय निवेश प्रवाह 28.59 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, पहले साल में 15 संयुक्त परियोजनाएं और 8 रणनीतिक साझेदारियां विकसित होंगी, जिससे परियोजनाओं के वित्तपोषण और यूरोपीय कंपनियों की खाड़ी बाजारों में भागीदारी बढ़ेगी।
शिखर सम्मेलन में 2000 से अधिक प्रतिभागी और 100 वक्ता शामिल होंगे। इसमें 10 मुख्य सत्र, 16 कार्यशालाएं और 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें होंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों को संभावनाओं से जोड़ना और 2030 तक वित्त, रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्रों में नई विकास राहें खोलना है।
