सामग्री पर जाएँ
रविवार, 4 अक्तूबर 2026 · रियाद
العربيةEnglishन्यूज़लेटरसंपर्क
अर्थजगत

कल रियाद में 'अल-इक्तिसादिया' का पहला वार्षिक फोरम

रियाद में कल 'अल-इक्तिसादिया' का पहला वार्षिक फोरम 'हमारी अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' विषय पर शुरू होगा, जिसमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग लेंगे।

अजेल हिंदी49 मिनट पहले · 3 मिनट का पठन
रियाद में अल-इक्तिसादिया फोरम की तैयारी

मुख्य बिंदु

AI

रियाद स्थित किंग सलमान साइंस ओएसिस में कल सोमवार से 'अल-इक्तिसादिया' का पहला वार्षिक फोरम 'हमारी अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' विषय पर शुरू होगा। इसका आयोजन सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से और 'द फैमिली ऑफिस' की विशेष प्रायोजन में किया जा रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भविष्य की संभावनाओं और बिजनेस मॉडल के विकास पर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।

यह फोरम ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब ने 2026 को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वर्ष' घोषित किया है। देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है और अब चर्चा तकनीक की संभावनाओं से आगे बढ़कर संस्थानों में इसके व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित हो गई है।

'अल-इक्तिसादिया' के प्रधान संपादक और फोरम के अध्यक्ष मोहम्मद अल-बैशी ने कहा कि अखबार की भूमिका सिर्फ खबर देना नहीं, बल्कि व्यापार जगत के नेताओं और कंपनियों को एक मंच पर लाकर नए आर्थिक अवसरों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपकरणों पर संवाद शुरू करना भी है।

प्रधान संपादक ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर होने वाले अधिकतर सम्मेलन और कार्यक्रम तकनीक, निवेश, बुनियादी ढांचे और उससे जुड़ी जरूरतों पर केंद्रित रहे हैं, जबकि अब इसे सऊदी व्यापार क्षेत्र के विकास के एक सक्षम उपकरण के रूप में देखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि फोरम का उद्देश्य यह जानना है कि कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल लागत घटाने, मुनाफा बढ़ाने, राजस्व प्रबंधन और मानव संसाधन के विकास में कैसे किया जा सकता है, न कि केवल इसे तकनीकी या निवेश के नजरिए से देखना।

प्रधान संपादक ने यह भी कहा कि 2026 को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वर्ष' घोषित करना इस चर्चा की अहमियत को बढ़ाता है। उन्होंने शाही भाषण का हवाला देते हुए कहा कि सऊदी अरब इस क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए प्रतिबद्ध है और 'अल-इक्तिसादिया' का दायित्व है कि वह संवाद और विशेषज्ञ आर्थिक सामग्री के जरिए इस दिशा को समर्थन दे।

प्रधान संपादक ने बताया कि फोरम का मकसद वक्ताओं के जरिए व्यावहारिक अनुभव साझा करना है, खासकर सऊदी विशेषज्ञों द्वारा बैंकिंग, तकनीकी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सफल उपयोग की मिसालें पेश करना, ताकि व्यापार जगत के बड़े वर्ग को इसका लाभ मिल सके।

फोरम में 250 से अधिक सीईओ, आर्थिक हस्तियां और स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग लेंगे। इनमें 'बिजनेस मॉडल कैनवस' के निर्माता एलेक्स ओस्टरवाल्डर, 'टुमॉरो लैब' के संस्थापक योआखिम डी फोस और बेल्जियम के 'imec' केंद्र के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

फोरम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार का भविष्य, एआई प्रबंधन, बिजनेस मॉडल का विकास, निवेश और अर्थव्यवस्था पर चर्चा होगी। साथ ही, एआई के सहायक उपकरण से एजेंट सिस्टम बनने और बिजनेस मॉडल को फिर से गढ़ने में इसकी भूमिका पर भी विचार किया जाएगा।

इस आयोजन से 'अल-इक्तिसादिया' की भूमिका सिर्फ आर्थिक खबरें देने से आगे बढ़कर, तकनीकी बदलावों के प्रभाव पर संवाद और व्यावहारिक अनुभव साझा करने की ओर बढ़ती है।

टिप्पणियाँ (0)