क़सीम में अनार का उत्पादन 12 हज़ार टन के पार
क़सीम क्षेत्र में अनार की खेती का उत्पादन 12 हज़ार टन से अधिक पहुंचा, जिसमें 150 से अधिक खेतों की 3 लाख अनार की पेड़ शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
AIक़सीम क्षेत्र में अनार की खेती ने इस बार के फसल सीजन में उल्लेखनीय गतिविधि दर्ज की है। यहां अनार का उत्पादन 12 हज़ार टन से अधिक रहा, जो 150 खेतों में फैले 3 लाख से ज्यादा पेड़ों से प्राप्त हुआ है। ये खेत बुरीदा शहर और कई अन्य जिलों व केंद्रों में स्थित हैं, जिससे क्षेत्र में इस फसल की बढ़ती लोकप्रियता और कृषि गतिविधियों में इसका बढ़ता योगदान झलकता है।
अनार की खेती बुरीदा, बुकैरिया, रस, मुधनब, अयून अल-जवा और रियाद अल-ख़ुबरा जिलों में फैली है। यहां के खेतों में कई किस्में उगाई जाती हैं, जिनमें प्रमुख हैं ताइफी, हिजाज़ी और अमेरिकी अनार। इन किस्मों के स्वाद, गुण और पकने के समय में अंतर होता है।
क़सीम क्षेत्र में पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय की स्थानीय शाखा के अनुसार, अनार की खेती का विस्तार क्षेत्र में फसलों की विविधता का हिस्सा है। विभाग का कहना है कि मौसमी फसलों की विविधता से कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय उत्पादों की बाज़ार में मौजूदगी मजबूत होती है।
किसान मोहम्मद अल-हसन ने बताया कि अनार के पौधे आमतौर पर फरवरी में लगाए जाते हैं। उन्होंने भरोसेमंद स्रोतों से पौधे लेने, सिंचाई, उर्वरक और कीट नियंत्रण का महत्व बताया, जिससे फलों की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार होता है।
उन्होंने बताया कि अनार की कटाई अक्टूबर में शुरू होती है और एक से डेढ़ महीने तक चलती है। फलों के पकने के दौरान तापमान में गिरावट से स्वाद में भी सुधार आ सकता है। साथ ही, मिट्टी की प्रकृति और सिंचाई के पानी की गुणवत्ता भी उत्पादन और खेती की सफलता में अहम भूमिका निभाते हैं।
अल-हसन ने पेड़ों की छंटाई और देखभाल, साथ ही फलों के आकार और गुणवत्ता के अनुसार छंटाई व वर्गीकरण की अहमियत बताई, जिससे बाजार में उनकी कीमत बढ़ती है। अनार का उपयोग जूस, सलाद और अनार के सिरप में होता है, जबकि छंटाई से निकले अवशेषों का खेत में ही पुनर्चक्रण किया जाता है।
फसल कटाई के साथ ही क़सीम के खेतों से अनार विभिन्न बिक्री केंद्रों और बाज़ारों तक पहुंच रहे हैं। किस्मों और पकने के समय में विविधता के चलते पूरे सीजन में स्थानीय उत्पाद की आपूर्ति बनी रहती है और मांग पूरी होती है।
