सऊदी वित्त मंत्रालय ने IMF की 2026 रिपोर्ट का स्वागत किया
सऊदी वित्त मंत्रालय ने IMF की 2026 रिपोर्ट का स्वागत किया, जिसमें सऊदी अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलापन की सराहना की गई है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी वित्त मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की 2026 के लिए चौथे अनुच्छेद परामर्श रिपोर्ट का स्वागत किया है। रिपोर्ट में मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद सऊदी अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलापन की सराहना की गई है। इसमें कहा गया है कि सऊदी अरब ने मजबूत आर्थिक आधार और विविध बुनियादी ढांचे के चलते लगातार अनुकूलन क्षमता दिखाई है।
रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अर्थव्यवस्था ने 2026 की शुरुआत मजबूत गति के साथ की है। 2025 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 4.6% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ओपेक+ के उत्पादन कटौती में क्रमिक कमी और घरेलू मांग की मजबूती से संभव हुआ। गैर-तेल राजकोषीय घाटा 2024 में GDP के 24.5% से घटकर 2025 में 23.3% रह गया, जिससे सऊदी अरब की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है।
भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, रिपोर्ट ने दीर्घकालिक योजना और बुनियादी ढांचे में अग्रिम निवेश की सराहना की, जिसमें पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन शामिल है, जो यनबू बंदरगाह तक प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा सकती है। इससे क्षेत्रीय तनावों के बावजूद सऊदी निर्यात और राजस्व पर असर सीमित रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं, जिसमें कम सरकारी कर्ज, प्रचुर भंडार और मजबूत संप्रभु संपत्तियाँ शामिल हैं। सार्वजनिक निवेश कोष की भूमिका भी अहम बताई गई है। 2025 के अंत तक सऊदी सेंट्रल बैंक की विदेशी संपत्तियाँ 437 अरब डॉलर आंकी गई हैं। सार्वजनिक ऋण को टिकाऊ और कुल संप्रभु जोखिम को कम बताया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी बैंकिंग क्षेत्र के पास पर्याप्त पूंजी और तरलता है, जिससे वह मौजूदा परिस्थितियों का सामना कर सकता है। परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में भी सुधार जारी है। 2025 में पूंजी पर्याप्तता अनुपात क्रमशः 20.5% और 18.8% रहा, जबकि कुल ऋण में गैर-निष्पादित ऋणों की हिस्सेदारी घटकर 1.0% रह गई, जो पिछले दस वर्षों में सबसे कम है। सऊदी सेंट्रल बैंक की वित्तीय स्थिरता और जोखिम नियंत्रण के प्रयासों की भी सराहना की गई।
IMF ने कहा कि विजन 2030 सुधारों ने बीते दशक में सऊदी अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है। इससे संस्थागत ढाँचे और नीतियों की दक्षता बढ़ी, आर्थिक प्रदर्शन सुधरा, तेल पर निर्भरता कम हुई और अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ संरचनात्मक अंतर घटा। स्वास्थ्य और शिक्षा के संकेतकों में भी सुधार हुआ है और कई लक्ष्यों को समय से पहले हासिल किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सऊदी अरब सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और फिनटेक क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपनाने में दुनिया में अग्रणी है। इसका असर संयुक्त राष्ट्र ई-गवर्नमेंट इंडेक्स और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एआई गवर्नमेंट रेडीनेस इंडेक्स जैसे कई अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में दिखा है। IMF ने अनुमान लगाया है कि AI को अपनाने से अगले दशक में वास्तविक GDP वृद्धि दर 6% तक बढ़ सकती है।
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि क्षेत्रीय अस्थिरता के बावजूद सऊदी अर्थव्यवस्था मजबूत और लचीली बनी हुई है। संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय अनुशासन के चलते सऊदी अरब अपनी वैश्विक आर्थिक स्थिति और आर्थिक विविधीकरण की दिशा को और मजबूत कर सकता है।
