यूरोपीय बयान: सेउटा संकट से प्रवासन व्यवस्था पर खतरा
20 यूरोपीय देशों के नेताओं ने कहा कि सेउटा की घटनाएँ यूरोपीय संघ की प्रवासन नीति में भरोसा डिगा सकती हैं।
मुख्य बिंदु
AI20 यूरोपीय देशों के नेताओं द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि सेउटा में हुई घटनाएँ यूरोपीय संघ की अवैध प्रवासन व्यवस्था पर विश्वास को कमजोर कर सकती हैं।
बयान में यह भी जोड़ा गया कि सेउटा से यूरोपीय संघ के अन्य देशों में अवैध आंतरिक प्रवासन की कोई घटना सामने नहीं आई है।
नेताओं ने स्पेन और मोरक्को के बीच उन प्रवासियों की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए हुए सहयोग का स्वागत किया, जो सेउटा में दाखिल हुए थे।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, स्पेन की सुरक्षा बलों और सेना ने बड़ी संख्या में प्रवासियों को सेउटा से निकालकर ताराखाल सीमा चौकी के रास्ते मोरक्को वापस भेजा।
हजारों लोगों ने समुद्र और जमीन दोनों रास्तों से सेउटा पहुँचने की कोशिश की थी, कुछ ने घंटों तक तैरकर जीवन रक्षक ट्यूबों का सहारा लिया, जबकि अन्य ने तटीय इलाकों से अस्थायी सीमा छिद्रों का फायदा उठाया।
बीबीसी के अनुसार, जब मोरक्को के राजा मोहम्मद छठे के सिंहासन संभालने की 27वीं वर्षगांठ की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों और सहायक बलों को तैनात किया गया, तो इससे सीमा पर अस्थायी शून्य पैदा हुआ, जिसका लाभ उठाकर कई समूहों ने सीमा पार करने की कोशिश की। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सेउटा पहुँचने की कोशिश करने वालों में केवल मोरक्को के लोग ही नहीं थे, बल्कि अन्य कई देशों के नागरिक भी थे, जो यूरोपीय भूमि में प्रवेश का अवसर तलाश रहे थे।
