वाणिज्य मंत्रालय ने फर्जी वेबसाइटों से बैंकिंग डेटा चोरी की चेतावनी दी
वाणिज्य मंत्रालय ने फर्जी वेबसाइटों द्वारा बैंकिंग डेटा चुराने की कोशिशों को लेकर सतर्क किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वह कभी भी उपभोक्ताओं से बैंक खाता या सत्यापन कोड नहीं मांगता।
मुख्य बिंदु
AIवाणिज्य मंत्रालय ने लोगों के बैंकिंग डेटा चुराने के लिए की जा रही धोखाधड़ी की कोशिशों को लेकर चेतावनी दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वह उपभोक्ताओं से कभी भी बैंक खाता या कार्ड नंबर, या ग्राहक के सत्यापन कोड नहीं मांगता।
मंत्रालय ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर पोस्ट में बताया कि फर्जी वेबसाइटों या मंत्रालय के नाम का दुरुपयोग करने वाले लोगों से सतर्क रहें, जो बैंकिंग डेटा हासिल कर धोखाधड़ी कर सकते हैं।
मंत्रालय ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति इस तरह से मांगे गए बैंकिंग डेटा या सत्यापन कोड किसी को साझा न करे और किसी भी संस्था से लेन-देन से पहले उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें।
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वाणिज्य मंत्रालय ने 2026 की दूसरी तिमाही के लिए उपभोक्ता बुलेटिन जारी किया, जिसमें उपभोक्ता संरक्षण और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख है।
बुलेटिन के मुताबिक, मंत्रालय ने 151,000 से अधिक निरीक्षण यात्राएँ कीं, जिनमें व्यापारिक प्रतिष्ठान और ऑनलाइन स्टोर शामिल रहे, ताकि वे मंत्रालय के नियमों का पालन करें। साथ ही, 4,000 से अधिक छूट लाइसेंस जारी किए गए, जिनमें 1.2 करोड़ से ज्यादा उत्पाद और वस्तुएं शामिल थीं।
मंत्रालय ने बताया कि इसी अवधि में 137,000 से अधिक शिकायतों का निपटारा किया गया, जिनमें सबसे ज्यादा ऑनलाइन स्टोर और विनिमय-रिटर्न नीति के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतें थीं। औसतन, हर शिकायत का समाधान 36 घंटे में किया गया।
इसी क्रम में, मंत्रालय ने दूसरी तिमाही में 25 रिकॉल अभियान चलाए, जिनमें 48,000 से अधिक दोषपूर्ण वाहन और उत्पाद शामिल थे, ताकि तकनीकी खामियों को दूर कर उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
