ईरान: सभी अधिकारी मोजतबा खामेनेई के निर्देशों का पालन करें
ईरान के नेतृत्व विशेषज्ञ परिषद ने सभी अधिकारियों से नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के निर्देशों का पालन करने और अमेरिका से समझौते पर भरोसा न करने की अपील की है।
मुख्य बिंदु
AIईरान में नेतृत्व विशेषज्ञ परिषद की अध्यक्षता ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के निर्देशों और रुख का पूरी तरह पालन करें। परिषद ने कहा कि अमेरिका पर भरोसा करना या वाशिंगटन के साथ किसी समझौते की उम्मीद करना "निरर्थक" है।
सोमवार को जारी अपने बयान में परिषद ने कहा कि मोजतबा खामेनेई से जुड़ी संदेशों को "मार्गदर्शक संदेश" माना जाना चाहिए और उनकी सोच को देश के अधिकारियों के लिए "प्रकाशस्तंभ" की तरह देखा जाना चाहिए। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के अधिकारों की रक्षा के लिए कोई भी कदम उन्हीं के विचारों और निर्देशों के दायरे में उठाया जाना चाहिए।
बयान में अमेरिका पर "समझौते के बार-बार उल्लंघन" का आरोप लगाया गया और कहा गया कि सर्वोच्च नेता की राय का पालन करना "बौद्धिक और धार्मिक कर्तव्य" है तथा वही "एकता का एकमात्र केंद्र" है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता जारी रखने की बात कही है। परिषद ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी सरकार पर भरोसा करना "सिर्फ एक मृगतृष्णा" है और "इस घमंडी व्यवस्था के साथ समझौते की कोई उम्मीद बेकार है"।
यह बयान ऐसे समय जारी हुआ है जब वाशिंगटन के साथ समझौते पर हस्ताक्षर के बाद से ईरानी राजनीतिक हलकों में मतभेद जारी हैं। जुलाई 2026 में परिषद के कुछ सदस्यों ने एक खुला पत्र जारी किया था, जिसमें कुछ शर्तें द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों से मेल नहीं खाती थीं।
मोजतबा खामेनेई से जुड़ा एक संदेश सामने आने के बाद वार्ता टीम पर दबाव और बढ़ गया है, जिसमें कहा गया था कि सर्वोच्च नेता की वाशिंगटन के साथ समझौते को लेकर मूल रूप से अलग राय थी।
