अमेरिका-ईरान वार्ता फिर शुरू, लेकिन समय बर्बाद करने की छूट नहीं
राजनीतिक विश्लेषक सईद अल बुस्तानी ने कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता की वापसी का मतलब तेहरान को समय खींचने की छूट देना नहीं है।
मुख्य बिंदु
AIअमेरिका और मध्य पूर्व मामलों के विशेषज्ञ राजनीतिक विश्लेषक सईद अल बुस्तानी ने अमेरिका-ईरान वार्ता की वापसी की शर्तों को स्पष्ट किया।
बुस्तानी ने 'अल अरबिया एफएम' से बातचीत में कहा कि इस बार वार्ता की बहाली का अर्थ किसी भी तरह से ईरान को समय बर्बाद करने या टालमटोल करने की अनुमति देना नहीं है। अमेरिका की ओर से स्पष्ट शर्तें रखी गई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मध्यस्थों की कोशिशों के साथ वार्ता का रास्ता अभी भी खुला है, लेकिन शर्तें साफ हैं—ईरान को होरमुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की कोशिशें रोकनी होंगी और परमाणु कार्यक्रम पर रियायतें देनी होंगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर नियोजित हमलों को टालने का फैसला किया है, यह फैसला तेहरान और क्षेत्र के अन्य देशों के अनुरोध पर लिया गया, बशर्ते जल्दी समझौता हो जाए। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका देश ईरान का सामना करने के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी ताकत के साथ तैयार है।
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