अमेरिका: ईरान की वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई, डॉलर-रियाल-क्रिप्टो सब पर नज़र
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान और उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े डिजिटल संपत्ति प्लेटफॉर्म और कंपनियों पर कार्रवाई की है, जिन पर धनशोधन और प्रतिबंधों से बचने का आरोप है।
मुख्य बिंदु
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अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अपने विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के ज़रिए डिजिटल संपत्ति के लेनदेन प्लेटफॉर्म और उन कंपनियों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है, जिन्हें वह ईरानी शासन और रिवोल्यूशनरी गार्ड के लिए धनशोधन से जोड़ता है। यह कदम वॉशिंगटन की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत तेहरान द्वारा प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल हो रहे वित्तीय स्रोतों को बंद किया जा रहा है।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि कार्रवाई दो प्रमुख डिजिटल संपत्ति प्लेटफॉर्म को निशाना बनाती है, जिनका इस्तेमाल ईरानी पक्षों द्वारा किया जा रहा था। साथ ही, एक ऐसे नेटवर्क के ज़िम्मेदार व्यक्ति को भी लक्षित किया गया है, जो कई देशों में फर्जी कंपनियों के ज़रिए क्रिप्टोकरेंसी और प्रतिबंधों से बचने वाली गतिविधियों को आसान बनाता है।
अमेरिका का आरोप: प्रतिबंधों से बचने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरानी पक्षों ने बड़ी मात्रा में क्रिप्टो संपत्ति के लेनदेन के लिए बिना लाइसेंस या सीमित निगरानी वाले प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। इन जटिल कारोबारी नेटवर्क और ऑनलाइन सट्टेबाज़ी परियोजनाओं के ज़रिए धन के स्रोत छिपाए गए और अवैध आय को सफेद किया गया।
मंत्रालय के मुताबिक, इन गतिविधियों से ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड और शासन से जुड़े लोग लाभान्वित हुए हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बिसेंट ने कहा कि ईरान का डिजिटल संपत्तियों और अनौपचारिक बैंकिंग नेटवर्क पर निर्भर रहना, आर्थिक दबाव की नीति की प्रभावशीलता का प्रमाण है।
बिसेंट ने कहा, "चाहे पैसा डॉलर में हो, रियाल में या क्रिप्टोकरेंसी में, वित्त मंत्रालय ईरानी शासन को समर्थन देने वाले अवैध वित्तीय नेटवर्क का पीछा और विघटन जारी रखेगा।"
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ईरान से जुड़े प्लेटफॉर्म और कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध
अमेरिकी कार्रवाई में Shelbit Exchange प्लेटफॉर्म और उससे जुड़ी कंपनियां, साथ ही ईरानी प्लेटफॉर्म Aban Tether को निशाना बनाया गया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, Aban Tether ने पहले से प्रतिबंधित ईरानी प्लेटफॉर्म से जुड़े वित्तीय लेनदेन किए हैं।
प्रतिबंधों में सिवाश कियानपुर भी शामिल हैं, जिन पर वॉशिंगटन ने ईरान से जुड़ी अवैध डिजिटल गतिविधियों के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों का नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े डिजिटल पते Shelbit Exchange के साथ 10 लाख डॉलर से अधिक की डिजिटल संपत्ति का लेनदेन कर चुके हैं, जबकि प्लेटफॉर्म से जुड़े और गार्ड से जुड़े डिजिटल पतों के बीच भी करोड़ों डॉलर का लेनदेन हुआ है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड की फंडिंग उजागर करने पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम
प्रतिबंधों के साथ ही, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने "रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस" कार्यक्रम के तहत रिवोल्यूशनरी गार्ड और उसकी शाखाओं से जुड़ी वित्तीय व्यवस्थाओं की जानकारी देने पर 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम घोषित किया है।
वॉशिंगटन ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद उन सूचनाओं तक पहुंचना है, जिनसे फंडिंग नेटवर्क और वित्तीय बिचौलियों का पता चल सके, जो धन के हस्तांतरण या प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं।
संपत्ति जब्त, लेनदेन पर रोक और चेतावनी
विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नागरिकों के नियंत्रण में आने वाली सभी संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी। उनके साथ किसी भी तरह का लेनदेन बिना अनुमति के अमेरिकी कानून के तहत प्रतिबंधित रहेगा।
वॉशिंगटन ने वित्तीय संस्थाओं और व्यक्तियों को चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित पक्षों से लेनदेन जोखिम भरा है और ऐसा करने पर नागरिक या आपराधिक दंड लग सकता है।
ये कदम अमेरिकी नीति के तहत ईरानी वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं, जिसमें डिजिटल संपत्तियों के रास्ते और वे बिचौलिए खास तौर पर निशाने पर हैं, जिन्हें वॉशिंगटन वैश्विक वित्तीय प्रणाली तक प्रतिबंधित पक्षों की पहुंच में मददगार मानता है।
