लेबनानी सेना प्रमुख का बयान: किसी भी हिस्से में कब्जा स्वीकार नहीं
लेबनानी सेना प्रमुख रोडोल्फ हाइकल ने कहा कि सेना देश की हर जमीन से कब्जा हटाने के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों के साथ खड़ी रहेगी।
मुख्य बिंदु
AIलेबनानी सेना के प्रमुख रोडोल्फ हाइकल ने आज स्पष्ट किया कि वे देश की किसी भी जमीन पर कब्जा बरकरार रखने को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनानी सेना नागरिकों के साथ खड़ी रहेगी और चुनौतियों के बावजूद उनकी अपने इलाकों में वापसी का साथ देगी।
लेबनानी सेना के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बात हाइकल ने दक्षिणी लिटानी सेक्टर की कमान, पांचवीं इन्फैंट्री ब्रिगेड (सूर क्षेत्र) और पांचवीं इंटरवेंशन यूनिट (कफरदोनिन, बिंत जबील) के निरीक्षण के दौरान कही, जहां उन्होंने सेना की गतिविधियों का जायजा लिया।
इस दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने अधिकारियों और सैनिकों से मुलाकात की और सेना दिवस पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानियां अमूल्य हैं, क्योंकि वे अपने विश्वास और मिशन के प्रति निष्ठावान हैं।
हाइकल ने दोहराया कि लेबनान की ताकत उसकी सेना में है और सैन्य संस्थान की सफलता सभी इकाइयों और जवानों के सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि हमारी हर इंच जमीन हमारा अधिकार है और हम अपनी जमीन के किसी भी हिस्से पर इज़राइली कब्जा स्वीकार नहीं करेंगे।"
जनरल हाइकल ने कहा, "हमारे शहीदों और घायलों की कुर्बानियां व्यर्थ नहीं जाएंगी। हम अपने लोगों के साथ खड़े रहेंगे और उनकी वापसी का साथ देंगे, चाहे चुनौतियां कितनी भी हों। हमारा विश्वास है कि लेबनान एक अविभाज्य देश है, जिसकी रक्षा एक ही सेना करती है और वही उसकी सीमाओं और स्थिरता की गारंटी है।"
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