ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की फंडिंग रोकने को अमेरिका ने 15 मिलियन डॉलर इनाम घोषित
अमेरिका ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की फंडिंग से जुड़ी जानकारी देने पर 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम घोषित किया है। यह कदम ईरान की वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की अमेरिकी कोशिश का हिस्सा है।
मुख्य बिंदु
AIअमेरिकी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की फंडिंग से जुड़ी तंत्र और नेटवर्क को बाधित करने में मददगार जानकारी देने पर 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा। यह कदम उन चैनलों को निशाना बनाता है, जिनका इस्तेमाल तेहरान धन जुटाने और स्थानांतरित करने के लिए करता है।
यह इनाम अमेरिकी विदेश मंत्रालय के 'रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' कार्यक्रम के तहत दिया जाएगा, जिसमें अवैध फंडिंग के स्रोतों की पहचान या रिवोल्यूशनरी गार्ड और कुद्स फोर्स से जुड़े वित्तीय व कारोबारी नेटवर्क का खुलासा करने वाली जानकारी पर आर्थिक प्रोत्साहन दिए जाते हैं।
अमेरिकी अभियान का फोकस रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी धनराशि के रास्तों की निगरानी पर है, जिसमें शेल कंपनियां, मनी एक्सचेंज नेटवर्क, फंड ट्रांसफर और तेल व्यापार शामिल हैं।
वॉशिंगटन का कहना है कि ये चैनल रिवोल्यूशनरी गार्ड और उसके सहयोगियों की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए वित्तीय संसाधन मुहैया कराते हैं। इसी वजह से अमेरिका उन व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान के लिए जानकारी चाहता है, जो इन फंडिंग गतिविधियों में शामिल हैं या उन्हें आसान बनाते हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ऐसी कोई भी जानकारी जो लक्षित फंडिंग तंत्र को बाधित करने में मददगार हो, इनाम के लिए पात्र हो सकती है, जिससे अमेरिकी अधिकारी इन नेटवर्क और उनसे जुड़े पक्षों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है और उन संस्थाओं, कंपनियों व बिचौलियों को निशाना बना रहा है, जिन्हें वॉशिंगटन धन के लेन-देन या प्रतिबंधों से बचने में मददगार मानता है।
अमेरिकी दबाव अभियान में तेल, ऊर्जा, बैंकिंग, शिपिंग नेटवर्क और वित्तीय बिचौलियों के क्षेत्र शामिल हैं, जिन पर वॉशिंगटन का आरोप है कि वे प्रतिबंधित ईरानी पक्षों की मदद करते हैं।
इसी दबाव के तहत अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं, जिनमें वित्तीय नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म भी हैं, पर अपनी पाबंदियाँ बढ़ा दी हैं।
वॉशिंगटन का आरोप है कि ये पक्ष धन के लेन-देन को आसान बनाते हैं या प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तंत्र तक पहुँचने में मदद करते हैं।
'रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' कार्यक्रम के जरिए अमेरिका ऐसी जानकारी जुटाना चाहता है, जिससे इन तंत्रों को बाधित किया जा सके, रिवोल्यूशनरी गार्ड की वित्तीय क्षमता सीमित हो और उसकी गतिविधियों के लिए फंडिंग पर अंकुश लगे।
