इस्लामी सहयोग संगठन ने फिलिस्तीनी मस्जिदों को जलाने की घटनाओं की निंदा की
इस्लामी सहयोग संगठन ने कब्ज़े वाले फिलिस्तीनी इलाकों में चरमपंथी उपनिवेशवादियों द्वारा मस्जिदों को जलाने और नस्लवादी नारे लिखने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है।
मुख्य बिंदु
AIइस्लामी सहयोग संगठन के महासचिवालय ने कब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में चरमपंथी उपनिवेशवादियों द्वारा बढ़ती हिंसा और अपराधों की कड़ी निंदा की है, खासकर बीती रात क़ुसरा (दक्षिण नाबलुस) और कूर (दक्षिण तुल्करम) में दो मस्जिदों को जलाने और उन पर नस्लवादी व भड़काऊ नारे लिखने की घटना को लेकर।
संगठन ने अपने एक्स अकाउंट पर जारी बयान में कहा कि यह अपराध फिलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ जारी व्यापक उपनिवेशवादी और आक्रामक हमलों का हिस्सा है, जिसमें इज़राइली कब्ज़ा बल भी शामिल और संरक्षक हैं।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यह हमला पश्चिमी तट, ग़ज़ा पट्टी और उसमें स्थित यरुशलम समेत सभी कब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में हो रहा है।
महासचिवालय ने चेतावनी दी कि मस्जिदों और पवित्र स्थलों को निशाना बनाना, पूजा स्थलों की पवित्रता, धर्म और आस्था की स्वतंत्रता, मानवीय मूल्यों और पवित्र स्थलों की सुरक्षा की गारंटी देने वाले सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है। संगठन ने धार्मिक संघर्ष भड़कने, घृणा और नस्लवाद के बढ़ते खतरे को लेकर भी आगाह किया।
महासचिवालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और सभी संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इन जघन्य अपराधों की निंदा करने और फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ जारी अपराधों को रोकने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने, साथ ही उपनिवेशवादी इकाइयों और इज़राइली कब्ज़े से जुड़ी सभी संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
