मिलाटोनिन सप्लीमेंट से दिल फेल होने का खतरा 90% बढ़ा: अध्ययन
एक नई रिसर्च के मुताबिक, लंबे समय तक मिलाटोनिन सप्लीमेंट लेने से पुरानी अनिद्रा के मरीजों में दिल फेल होने का खतरा 90% तक बढ़ सकता है।
मुख्य बिंदु
AIशोधकर्ताओं ने पाया है कि लंबे समय तक मिलाटोनिन सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पुरानी अनिद्रा से जूझ रहे लोगों में दिल फेल होने का खतरा 90% तक बढ़ जाता है। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती होने और किसी भी कारण से मौत की दर भी अधिक पाई गई।
"साइंस डेली" के अनुसार, यह अध्ययन TriNetX ग्लोबल नेटवर्क के डेटा पर आधारित है। इसमें 130,828 वयस्कों में से 65,414 ने एक साल या उससे अधिक समय तक मिलाटोनिन लिया। दोनों समूहों को उम्र, लिंग, नस्ल, बीमारियों और दवाओं के आधार पर मिलाया गया।
नतीजों के मुताबिक, पांच साल में मिलाटोनिन लेने वालों में 4.6% को दिल फेल होने की समस्या हुई, जबकि न लेने वालों में यह आंकड़ा 2.7% था। दिल फेल होने के कारण अस्पताल में भर्ती होने का खतरा भी करीब 3.5 गुना (19.0% बनाम 6.6%) बढ़ा।
मिलाटोनिन लेने वालों में किसी भी कारण से मौत की दर 7.8% रही, जबकि दूसरे समूह में यह 4.3% थी — यानी खतरा लगभग दोगुना था।
कोलंबिया विश्वविद्यालय की शोधकर्ता डॉ. मैरी पियरे सेंट ओंग ने बताया कि अमेरिका में मिलाटोनिन को सप्लीमेंट के तौर पर लिया जाता है, न कि लंबे समय तक अनिद्रा के इलाज के लिए। उन्होंने इसके सेवन में सतर्कता बरतने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी कहा कि अध्ययन में कुछ सीमाएँ थीं, जैसे प्रतिभागियों के स्थान की जानकारी न होना, जिससे वर्गीकरण में गलती हो सकती है। इसके अलावा, अनिद्रा की गंभीरता और मानसिक समस्याओं का असर भी नतीजों पर पड़ सकता है।
मुख्य लेखक डॉ. एकिनेडिलचुकु नाडी ने कहा कि नतीजे मिलाटोनिन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाते हैं, लेकिन यह अध्ययन अवलोकन आधारित है और सीधा कारण-प्रभाव संबंध साबित नहीं करता। उन्होंने इस सप्लीमेंट की हार्ट से जुड़ी सुरक्षा पर और शोध की जरूरत बताई।
