इज़रायली सेना ने सख्त शर्तों पर अंतरराष्ट्रीय बल को ग़ज़ा में प्रवेश की मंजूरी दी
इज़रायली मीडिया के मुताबिक, सेना ने ग़ज़ा में बहुराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय बल के प्रवेश को सशर्त मंजूरी दी है—फिलहाल पुनर्निर्माण शुरू नहीं होगा और तुर्की-क़तर जैसी विरोधी देशों की भागीदारी नहीं होगी।
मुख्य बिंदु
AIइज़रायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़रायली सेना ने ग़ज़ा पट्टी में बहुराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय बल के प्रवेश को मंजूरी दे दी है, लेकिन शर्त रखी है कि अभी पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
इज़रायली सेना के रेडियो ने स्पष्ट किया कि शर्तों में यह भी शामिल है कि तुर्की और क़तर जैसी उन देशों को, जिन्हें इज़रायल शत्रु मानता है, ग़ज़ा में अंतरराष्ट्रीय बल का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ग़ज़ा में शांति परिषद और अंतरराष्ट्रीय बलों के प्रवेश को लेकर इज़रायल की सहमति ट्रंप योजना में भी दर्ज है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि इज़रायली सेना इस बात पर अड़ी है कि जब तक हमास और ग़ज़ा का निरस्त्रीकरण नहीं होता, वह ग़ज़ा के 'पीली रेखा' क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखेगी। साथ ही, कैबिनेट ने तय किया है कि केवल इज़रायल को ही यह अधिकार होगा कि किन देशों को ग़ज़ा में बल भेजने की अनुमति दी जाए।
