सामग्री पर जाएँ
बुधवार, 5 अगस्त 2026 · रियाद
العربيةEnglishन्यूज़लेटरसंपर्क
दुनिया

हौथियों द्वारा यमन जा रही व्यापारिक जहाज पर हमला: इरियानी

यमनी सूचना मंत्री मुअम्मर इरियानी ने कहा कि हौथियों ने यमन के लिए व्यापारिक सामान ले जा रहे जहाज पर हमला कर नागरिकों की पीड़ा बढ़ाने और मानवीय संकट को लंबा करने का इरादा उजागर किया है।

अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
यमनी सूचना मंत्री मुअम्मर इरियानी का बयान

मुख्य बिंदु

AI

यमनी सूचना मंत्री मुअम्मर इरियानी ने कहा है कि ईरान समर्थित हौथी मिलिशिया द्वारा यमन के बंदरगाहों की ओर जा रही और यमनी जनता के लिए व्यापारिक सामान ले जा रही जहाज पर हमला यह दिखाता है कि अब मिलिशिया केवल संसाधनों की लूट, वेतन रोकने और आजीविका के साधनों को नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्र के रास्ते आने वाले खाद्य पदार्थों को भी निशाना बना रही है। यह कदम नागरिकों की पीड़ा बढ़ाने और मानवीय संकट को लंबा करने की उनकी नीति को दर्शाता है।

इरियानी ने "एक्स" पर अपने बयान में स्पष्ट किया कि जिस जहाज को निशाना बनाया गया, वह न तो हथियार ले जा रहा था और न ही किसी अन्य देश की ओर जा रहा था, बल्कि उसमें यमनी नागरिकों के लिए व्यापारिक सामान था। उन्होंने कहा कि इस हमले से साफ है कि असली घेराबंदी हौथी मिलिशिया ही लगा रही है, चाहे वह उनके नियंत्रण वाले इलाके हों या अन्य प्रांत, क्योंकि वे जरूरी सामानों की आपूर्ति रोककर, खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ाकर और भूख, गरीबी तथा पीड़ा का दायरा बढ़ा रही हैं।

यमनी सूचना मंत्री ने यह भी कहा कि हौथी मिलिशिया का यह व्यवहार नया नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने सना हवाई अड्डे पर नागरिक विमानों को नष्ट किया, यमनी नागरिकों को यात्रा और आवाजाही के अधिकार से वंचित किया और मुकल्ला में तेल निर्यात केंद्रों और बंदरगाहों को निशाना बनाया, ताकि राज्य के सबसे अहम राजस्व स्रोत को बंद किया जा सके और कर्मचारियों को वेतन देने की सरकार की क्षमता को बाधित किया जा सके, जबकि सरकार ने मिलिशिया के नियंत्रण वाले इलाकों में कई क्षेत्रों के वेतन देना शुरू कर दिया था।

उन्होंने कहा कि तेल निर्यात केंद्रों पर हमले केवल सरकार के खिलाफ नहीं थे, बल्कि सीधे कर्मचारियों के वेतन और उनके परिवारों की आजीविका पर हमला था। इससे एक ऐसा जरिया भी बंद हो गया, जिससे सभी प्रांतों, यहां तक कि हौथी नियंत्रण वाले इलाकों में भी, नागरिकों की पीड़ा कम हो सकती थी। यह साबित करता है कि मिलिशिया जानबूझकर यमनी नागरिकों को वेतन, सेवाओं और आय के स्रोतों से वंचित रखना चाहती है।

इरियानी ने जोर देकर कहा कि हौथी मिलिशिया की ये कार्रवाइयाँ न तो यमन की रक्षा से जुड़ी हैं और न ही जनता के हित में हैं, बल्कि यह यमनी नागरिकों के खिलाफ खुली जंग है, जिसमें भूख, गरीबी, अलगाव और डर को समाज को काबू में करने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इससे नागरिक अपनी आजीविका, वेतन या यात्रा के मौके के लिए मजबूर होकर मिलिशिया के दबाव में आ जाते हैं।

यमनी सूचना मंत्री ने देशवासियों, खासकर हौथी नियंत्रण वाले इलाकों के लोगों से, हौथी परियोजना की असलियत समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो वेतन रोकता है, संपत्ति लूटता है, विमानों को नष्ट करता है, तेल निर्यात रोकता है और खाद्य आपूर्ति बाधित करता है, वह यमन और उसके नागरिकों का भला नहीं चाहता, बल्कि वही उनकी पीड़ा, भूख, अलगाव और जीवन स्तर में गिरावट का मुख्य कारण है।

टिप्पणियाँ (0)