तलाकशुदा महिलाओं के लिए 'हिसाब अल-मुवातिन' में बच्चों के साथ पंजीकरण के नियम
हिसाब अल-मुवातिन कार्यक्रम ने तलाकशुदा महिलाओं के लिए बच्चों के साथ पंजीकरण की शर्तें और जरूरी दस्तावेज़ बताए हैं।
मुख्य बिंदु
AIहिसाब अल-मुवातिन कार्यक्रम ने तलाकशुदा महिलाओं के लिए बच्चों के साथ पंजीकरण की शर्तें और जरूरी दस्तावेज़ निर्धारित किए हैं।
तलाकशुदा महिला का बच्चों के साथ पंजीकरण
एक लाभार्थी ने हिसाब अल-मुवातिन से पूछा कि अगर बच्चे पिता के नाम पर पंजीकृत हैं तो तलाकशुदा महिला अपने बच्चों के साथ कैसे पंजीकरण कर सकती है।
कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि तलाकशुदा महिला पंजीकरण कर सकती है और बच्चों को जोड़ सकती है, बशर्ते आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे अभिभावकता का प्रमाणपत्र या गोद लेने का प्रमाण) संलग्न किए जाएं। दस्तावेज़ों की स्वीकृति के बाद बच्चे मां के तहत पात्र माने जाएंगे और उनके लिए मिलने वाला समर्थन राशि में जोड़ा जाएगा।
कैदियों की पत्नी का पंजीकरण
हिसाब अल-मुवातिन कार्यक्रम ने पुष्टि की है कि कैदी स्वयं इस कार्यक्रम का लाभ नहीं उठा सकते, लेकिन उनकी पत्नी को पंजीकरण का अधिकार है।
कार्यक्रम ने यह भी जोड़ा कि कैदी को हिसाब अल-मुवातिन का लाभ नहीं मिल सकता।
कार्यक्रम ने बताया कि पात्रता की शर्तों में शामिल है कि लाभार्थी कैदी न हो। पत्नी मुख्य लाभार्थी के रूप में पंजीकरण कर सकती है और 'परिवार का मुखिया कैदी है' विकल्प चुन सकती है, पति को नहीं जोड़ा जाएगा। यदि बच्चे हैं तो जन्म प्रमाणपत्र या परिवार कार्ड संलग्न करना आवश्यक है।
