ऊर्जा और रिफाइनरी ठिकानों पर हमले से ईरान पर दबाव बढ़ा
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. हमूद अल-रुवैस ने कहा कि ऊर्जा और रिफाइनरी ठिकानों पर हमले से ईरान पर दबाव दोगुना हो गया है और इसका असर अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर आम ईरानी नागरिकों की रोजमर्रा की ज़िंदगी तक पहुँच रहा है।
अजेल हिंदी1 घंटे पहले · 1 मिनट का पठन
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AIराजनीतिक विश्लेषक डॉ. हमूद अल-रुवैस ने कहा कि ऊर्जा और रिफाइनरी ठिकानों पर हमले से ईरान पर दबाव दोगुना हो गया है और इसका असर अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर आम ईरानी नागरिकों की रोजमर्रा की ज़िंदगी तक पहुँच रहा है।
उन्होंने चैनल 'अल-इख़बारिया' से बातचीत में यह भी कहा कि इसका मतलब है कि ईरान अब ज़मीनी सीमाओं के जरिए काले बाज़ार में भी कोई तेल उत्पाद नहीं भेज सकता।
अल-रुवैस ने यह भी बताया कि ईरानी राष्ट्रपति पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले से सामाजिक समस्याएँ पैदा होंगी।
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