जानवरों से इंसानों में फैलती है मॉल्टा बुखार, वेका ने दी चेतावनी
राष्ट्रीय पौध और पशु रोग रोकथाम केंद्र ने मॉल्टा बुखार के खतरे को लेकर आगाह किया है। यह बीमारी इंसान और जानवर दोनों में फैलती है और मवेशियों में गर्भपात का कारण बनती है।
मुख्य बिंदु
AIराष्ट्रीय पौध और पशु रोग रोकथाम एवं नियंत्रण केंद्र ने पुष्टि की है कि मॉल्टा बुखार इंसान और जानवरों में फैलने वाली बीमारी है, जो जानवरों में गर्भपात के प्रमुख कारणों में शामिल है।
केंद्र ने एक्स प्लेटफॉर्म पर बताया कि गाय, भेड़, ऊंट आदि मादा मवेशियों का टीकाकरण गर्भपात और उत्पादकता में गिरावट से बचाव के लिए जरूरी है। इससे बीमारी के इंसानों में फैलाव को भी रोका जा सकता है।
केंद्र ने बताया कि मॉल्टा बुखार प्राथमिकता वाली बीमारियों में है। यह एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो बकरियों, भेड़ों, ऊंटों और गायों को प्रभावित करता है। इसे मॉल्टा बुखार, संक्रामक गर्भपात रोग और वेविंग फीवर भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें शरीर का तापमान बदलता रहता है।
मॉल्टा बुखार के लक्षण
मॉल्टा बुखार के लक्षणों में गर्भावस्था के अंतिम तिमाही में गर्भपात, जानवर की भूख में कमी, कमजोर और अधूरी डिलीवरी के बाद नवजात का तुरंत मर जाना शामिल हैं। साथ ही, गर्भपात के बाद गर्भाशय में सूजन या अपरा का रुक जाना भी देखा जा सकता है।
बचाव के उपाय
केंद्र ने संक्रमित या संदिग्ध जानवरों को झुंड से अलग रखने, वेका केंद्र के टोल फ्री नंबर (8002470000) पर तुरंत सूचना देने और पशु चिकित्सक से सलाह लेने की सिफारिश की है। साथ ही, बाड़ों और उपकरणों की नियमित सफाई-सेनेटाइजेशन, जानवरों का टीकाकरण, और भ्रूण, अपरा व स्राव का सुरक्षित निस्तारण जरूरी बताया गया है।
