संयुक्त राष्ट्र ने वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा और बस्तियों पर चेताया
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने वेस्ट बैंक में इज़राइली बस्तियों के विस्तार और बढ़ती हिंसा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
मुख्य बिंदु
AIसंयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने वेस्ट बैंक में इज़राइली बस्तियों के विस्तार और बस्तियों द्वारा की जा रही हिंसा में बढ़ोतरी को लेकर चेतावनी दी है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने दो साल पहले ही इज़राइली कब्जे को अवैध करार देते हुए इसे जल्द खत्म करने की बात कही थी।
आयोग की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने बताया कि बीते गुरुवार से अब तक वेस्ट बैंक में आठ फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इज़राइली बस्तियों और सुरक्षा बलों ने फिलिस्तीनी समुदायों पर हमले किए, जिनमें स्थानीय लोगों के साथ मारपीट, संपत्ति का नुकसान और जब्ती, मस्जिदों में आगजनी, साथ ही आवाजाही और बुनियादी सेवाओं तक पहुंच पर सख्त पाबंदियाँ शामिल हैं।
आयोग ने इज़राइली सरकार द्वारा बस्तियों और नई चौकियों के विस्तार की घोषणा, साथ ही फिलिस्तीनियों के खिलाफ बदले की कार्रवाई और सामूहिक दंड की बढ़ती मांगों पर गहरी चिंता जताई है। आयोग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हिंसा और बस्तियों के विस्तार को रोकने और कब्जे को समाप्त करने के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की है।
गाजा पट्टी में, संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओचा) ने चूहों के बढ़ते प्रकोप और जल निकासी सेवाओं की बदहाली के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बढ़ने की चेतावनी दी है। कार्यालय ने बताया कि मानवीय सहायता से जुड़े साझेदार चूहों की रोकथाम और पानी व सीवर सेवाओं में सुधार के लिए काम कर रहे हैं, जिसमें हाल ही में पहुँची आपूर्ति का सहयोग मिल रहा है।
कार्यालय ने पानी की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों के बने रहने की ओर इशारा किया। संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार पानी, सीवर और शिक्षा सेवाओं के समर्थन के लिए परियोजनाएँ चला रहे हैं। लगभग 4,30,000 बच्चे 600 से अधिक अस्थायी शिक्षण केंद्रों में पढ़ रहे हैं, लेकिन अब भी करीब आधे स्कूली बच्चों को पर्याप्त शिक्षा के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
