विशेषज्ञ: समुद्री घेराबंदी से ईरानी शासन पर दबाव
ईरान मामलों के विशेषज्ञ वजदान अब्दुलरहमान ने कहा कि समुद्री घेराबंदी ईरानी शासन पर दबाव बना रही है। अमेरिकी प्रतिबंधों और घेराबंदी का असर खास तौर पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु
AIईरान मामलों के विशेषज्ञ वजदान अब्दुलरहमान ने कहा कि समुद्री घेराबंदी ईरानी शासन पर दबाव बना रही है।
उन्होंने 'अल अरबिया एफएम' पर बातचीत में कहा कि अमेरिकी प्रतिबंध और घेराबंदी इस शासन पर इसलिए दबाव डाल रहे हैं क्योंकि ये ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं, जबकि आमतौर पर प्रतिबंधों का सीधा असर ईरानी नागरिकों पर पड़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि असली समस्या ईरान के फिर से वार्ता में लौटने में नहीं है, बल्कि इस बात में है कि ईरान उन समझौतों पर कितना अमल करता है, जिन पर हस्ताक्षर किए जाते हैं, ताकि उन संकटों का समाधान हो सके जो अब शासन और नागरिकों दोनों को प्रभावित कर रहे हैं, साथ ही क्षेत्र के अन्य देशों को भी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर एक बड़ी सैन्य कार्रवाई रोकने के फैसले ने वार्ता की संभावना को फिर से जगाया, लेकिन ईरान, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन को निशाना बनाकर अविश्वास पैदा किया, ने वार्ता के लिए गंभीरता से कोई संकेत नहीं दिया।
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