पुतिन बोले: यूक्रेन युद्ध के लक्ष्यों के लिए संसाधन जारी रहेंगे
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध में नरमी के संकेत से इनकार किया और कहा कि मास्को अपने सैन्य लक्ष्यों के लिए बड़े संसाधन लगाता रहेगा।
मुख्य बिंदु
AIरूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध में नरमी के किसी भी संकेत को खारिज करते हुए कहा है कि मास्को अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर संसाधन लगाता रहेगा।
यह बयान उन्होंने उस वक्त दिया जब कजाखिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त टोकायव ने सार्वजनिक रूप से संघर्ष को रोकने और वार्ता की मेज पर लौटने की अपील की थी।
पुतिन ने 'नेवी डे' के मौके पर सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी नौसेना के जवानों से मुलाकात के दौरान कहा कि रूस "मजबूरी में भारी संसाधन खर्च कर रहा है, और यह जायज़ है, ताकि विशेष सैन्य अभियान की सफलता और लक्ष्यों को सुनिश्चित किया जा सके।"
उन्होंने कहा कि युद्ध की ज़रूरतों के साथ-साथ रूसी नौसेना के विकास की योजनाएँ भी जारी रहेंगी। यह बात रूसी समाचार एजेंसी तास ने बताई।
पुतिन ने युद्ध में समुद्री बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि रूसी जहाज उच्च-प्रेसिशन हथियारों से "विनाशकारी हमले" जारी रखे हुए हैं और नौसैनिक पैदल सेना के सैनिक मोर्चे पर आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि "पूरा देश उनकी विजयी वापसी का इंतजार कर रहा है," जो बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद क्रेमलिन की सैन्य समाधान की नीति को दर्शाता है। यह जानकारी फ्रांस प्रेस एजेंसी ने दी।
अप्रत्यक्ष जवाब
पुतिन का यह बयान कजाखिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त टोकायव की असामान्य अपील के 24 घंटे के भीतर आया है। टोकायव ने रूसी राष्ट्रपति से ओम्स्क में मुलाकात के दौरान कहा था कि युद्ध "रुकना चाहिए," और जोड़ा, "यह दुखद है कि युवा मारे जा रहे हैं... यह सब रुकना चाहिए।"
उन्होंने लड़ाई को रोकने और स्थायी शांति के लिए इस्तांबुल वार्ता प्रक्रिया पर लौटने का भी आह्वान किया, जो मास्को के करीबी सहयोगी की ओर से सार्वजनिक रूप से लिया गया दुर्लभ रुख है।
रूसी राष्ट्रपति के बयान ऐसे समय आए हैं जब मैदान पर मास्को और कीव के बीच तनाव बढ़ा है। यूक्रेन ने साइबेरिया की एक तेल रिफाइनरी और किरोव क्षेत्र की एक सैन्य सुविधा पर ड्रोन हमलों की घोषणा की है।
वहीं रूस ने कहा कि उसकी वायु रक्षा ने एक ही दिन में 300 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, जो युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़े हमलों में से एक है।
दोनों पक्षों ने काला सागर में नागरिक ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाने के आरोप एक-दूसरे पर लगाए हैं। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने हाल के हफ्तों में नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ने को लेकर चेतावनी दी है।
