जकात प्राधिकरण ने बताया: मृतक की देनदारियों की अदायगी और वारिसों की जिम्मेदारी
सऊदी जकात, कर और सीमा शुल्क प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि मृतक की कर देनदारियों की अदायगी वारिसों की जिम्मेदारी है और भुगतान के बाद पहचान संख्या बंद कराने की प्रक्रिया भी बताई है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी जकात, कर और सीमा शुल्क प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि मृतक के नाम पर बकाया कर और अन्य देनदारियों का भुगतान करना वारिसों की जिम्मेदारी है।
प्राधिकरण ने अपने 'असअल जकात व जराइब व जमारिक' नामक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट के जरिए बताया कि यदि मृतक का वाणिज्यिक पंजीकरण रद्द किया जा रहा है, तो वारिसों को उसकी विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Number) बंद करानी होगी, बशर्ते कि उस पर किसी अन्य पक्ष से संबंधित कोई सक्रिय डेटा न हो।
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प्राधिकरण ने आगे बताया कि वाणिज्यिक पंजीकरण रद्द होने से पहले बकाया राशि का भुगतान करने के बाद, वारिस ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए मृतक के खाते में लॉगिन करें, 'जकात और टैक्स प्रबंधन' चुनें, फिर 'अन्य सेवाएँ', उसके बाद 'विशिष्ट संख्या/शाखा बंद करने की सेवा' चुनें, नया आवेदन बनाएं और आवश्यक जानकारी भरें।
प्राधिकरण ने यह भी कहा कि आवेदन में 'विशिष्ट संख्या बंद करना' विकल्प चुनें, पंजीकरण बंद करने का कारण बताएं और आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
यह स्पष्टीकरण एक महिला के सवाल के जवाब में आया, जिनकी दिवंगत बहन के नाम पर अब भी 500 सऊदी रियाल की फीस चुकाने के संदेश आ रहे हैं। उन्होंने पूछा था कि क्या इन बकाया राशि के लिए छूट का आवेदन किया जा सकता है।
