इस्लामी सहयोग संगठन ने ग़ज़ा में बढ़ती इज़राइली कार्रवाइयों की निंदा की
इस्लामी सहयोग संगठन ने ग़ज़ा और अन्य फ़िलिस्तीनी इलाकों में इज़राइल की बढ़ती हिंसा और नागरिक ठिकानों पर हमलों की कड़ी आलोचना की है।
मुख्य बिंदु
AIइस्लामी सहयोग संगठन के महासचिवालय ने फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी इज़राइली अपराधों और उल्लंघनों की कड़ी निंदा की है, खासकर ग़ज़ा पट्टी में स्वास्थ्य, आवासीय प्रतिष्ठानों और विस्थापितों के शिविरों को निशाना बनाए जाने की। इन हमलों में दर्जनों नागरिकों की मौत और घायल होने की पुष्टि हुई है, जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार कानून का खुला उल्लंघन बताया गया है।
महासचिवालय ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी तट समेत यरूशलम में उपनिवेशी बस्तियों के विस्तार और चरमपंथी बस्तियों द्वारा इज़राइली सेना की सुरक्षा में की जा रही संगठित हिंसा की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। संगठन ने इन अपराधों और उल्लंघनों को रोकने और दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।
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महासचिवालय ने दोहराया है कि इज़राइल को, एक क़ब्ज़ाधारी शक्ति के रूप में, संघर्षविराम समझौते का पालन करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत शांति योजना के दूसरे चरण को लागू करना चाहिए। इसमें सभी सीमाओं को खोलना, पर्याप्त और निर्बाध मानवीय सहायता पहुँचाना, इज़राइली सेना की पूरी तरह वापसी और फ़िलिस्तीनी भूमि की एकता सुनिश्चित करना शामिल है, ताकि फ़िलिस्तीन की सरकार को ग़ज़ा समेत सभी इलाकों में अपनी ज़िम्मेदारी निभाने का अवसर मिल सके।
