मिस्र में 15 सेकंड की भूकंप से सुबह अफरा-तफरी
सोमवार तड़के मिस्र में 5.5-5.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे काहिरा समेत कई इलाकों में लोग जाग गए, हालांकि कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
मुख्य बिंदु
AIसोमवार तड़के मिस्र के लाखों लोग उस वक्त जाग उठे जब 5.5 से 5.6 तीव्रता का भूकंप आया, जो लगभग 15 सेकंड तक महसूस किया गया। काहिरा और कई प्रांतों में इसकी झटकों ने लोगों को हिला दिया। यह भूकंप स्वेज़ खाड़ी क्षेत्र में आया, जो हाल के वर्षों में देश में महसूस किए गए सबसे तेज़ झटकों में से एक था। राहत की बात रही कि इससे किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई।
राष्ट्रीय खगोलीय और भूभौतिकी अनुसंधान संस्थान ने बताया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 03:01 बजे आया। इसका केंद्र स्वेज़ शहर से लगभग 38 किलोमीटर उत्तर में और 10 किलोमीटर की गहराई में था। संस्थान ने बताया कि जैसे-जैसे नई मापें आती गईं, भूकंप के आंकड़ों को कई बार अपडेट किया गया, जिससे तीव्रता और गहराई के शुरुआती आंकड़ों में अंतर आया।
संस्थान ने बताया कि देशभर के कई इलाकों से लोगों ने झटकों की सूचना दी, लेकिन कहीं भी जान या संपत्ति का नुकसान दर्ज नहीं किया गया।
भूकंप क्यों आया?
संस्थान के विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भूकंप स्वेज़ खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय फॉल्ट लाइन के चलते आया। यह इलाका भूगर्भीय रूप से सक्रिय है, क्योंकि यह लाल सागर प्रणाली के उत्तरी छोर पर स्थित है, जहां चट्टानी प्लेटें स्वाभाविक रूप से खिसकती रहती हैं।
संस्थान के भूकंप विभाग के प्रमुख शरीफ अल-हादी ने कहा कि इस तरह की गतिविधि अपेक्षित है और चिंता की बात नहीं है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में ऐसे भूकंप चट्टानों में जमा ऊर्जा के मुक्त होने से आते हैं। मुख्य भूकंप के बाद संस्थान ने कुछ हल्के झटकों को भी दर्ज किया।

सरकारी एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया
भूकंप के तुरंत बाद, मिस्र के स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय ने देशभर में स्वास्थ्य आपातकाल योजना लागू कर दी। स्वास्थ्य मंत्री खालिद अब्दुलगफ्फार ने आपातकालीन और गहन चिकित्सा विभागों में अलर्ट बढ़ाने, केंद्रीय संकट कक्ष को सक्रिय करने और प्रांतों के आपात कक्षों से जोड़ने के निर्देश दिए।
साथ ही, एंबुलेंस और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैयारियों की पुष्टि की गई। दवाओं, मेडिकल उपकरणों, रक्त और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। मंत्रालय ने कहा कि स्थिति सामान्य है और भूकंप से जुड़ी कोई चोट या हानि की सूचना नहीं मिली है।
इसी क्रम में, मिस्र रेड क्रिसेंट ने भी उन शहरों में आपात योजना लागू की, जहां झटके महसूस किए गए। नागरिकों से अपील की गई कि वे पुराने या दरार वाले भवनों से दूर रहें, जब तक उनकी सुरक्षा की पुष्टि नहीं हो जाती।

पूरे क्षेत्र में महसूस किए गए झटके
भूकंप का असर सिर्फ मिस्र तक सीमित नहीं रहा। इसके झटके फिलिस्तीन, जॉर्डन, लेबनान और साइप्रस तक महसूस किए गए, क्योंकि इसका केंद्र लाल सागर के पास था। अंतरराष्ट्रीय भूकंपीय केंद्रों ने आने वाले घंटों या दिनों में हल्के झटकों की संभावना जताई है।
हालांकि सोमवार तड़के आए भूकंप से कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसने कई मिस्रवासियों को 12 अक्टूबर 1992 के भूकंप की याद दिला दी, जिसे देश के आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े भूकंपों में गिना जाता है।
जहां एक ओर इस ताज़ा झटके ने लोगों में चिंता पैदा की, वहीं सरकारी एजेंसियों की तेज़ प्रतिक्रिया और शुरुआती रिपोर्टों में हालात सामान्य रहने की पुष्टि से यह साफ हुआ कि संबंधित विभाग ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी संभावित विकास पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
