स्वास्थ्य मंत्रालय ने डायबिटीज़ मरीजों को खजूर खाने से पहले डॉक्टर से सलाह की सलाह दी
सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने डायबिटीज़ मरीजों को खजूर खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है। मंत्रालय ने बताया कि खजूर में शर्करा की मात्रा उसकी नमी और पकने की अवस्था के अनुसार बदलती रहती है।
मुख्य बिंदु
AIसऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने डायबिटीज़ मरीजों को खजूर खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है।
मंत्रालय ने अपने 'अश बिस्सिहा' (Live Well) नामक एक्स अकाउंट पर बताया कि खजूर एक ही फल है, लेकिन उसमें शर्करा की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। जैसे-जैसे खजूर सूखता है और उसकी नमी कम होती है, उसमें शर्करा का स्तर बढ़ता जाता है।
मंत्रालय ने आगे बताया कि जब खजूर रुतब (अधपका) अवस्था में होता है, तब उसमें कुल शर्करा की मात्रा कम (35% से 55% के बीच) रहती है और उसमें पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि जब खजूर पूरी तरह पक जाता है, तब उसमें पानी की मात्रा घट जाती है और कुल शर्करा बढ़कर 50% से 85% तक पहुंच जाती है।
मंत्रालय ने अंत में कहा कि चाहे खजूर की किस्म कोई भी हो या उसका पकने का स्तर कुछ भी हो, उसकी मात्रा में संतुलन ही उसके फायदों का सही लाभ उठाने की कुंजी है, ताकि अतिरिक्त कैलोरी से बचा जा सके।
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