जापानी वैज्ञानिकों ने मांसपेशी क्षय रोकने वाला यौगिक विकसित किया
क्यूसू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक एंटीऑक्सीडेंट अणु की खोज की है, जो उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की गिरावट को रोकने में मदद कर सकता है।
मुख्य बिंदु
AIक्यूसू विश्वविद्यालय के एक शोध दल ने ऐसे नतीजे पेश किए हैं, जिनसे पता चलता है कि एक एंटीऑक्सीडेंट अणु उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की मात्रा को बनाए रखने और उसके क्षय को रोकने में मददगार हो सकता है। यह अणु मांसपेशी ऊतकों के पुनर्निर्माण के लिए ज़रूरी एक प्रमुख प्रोटीन की सुरक्षा करता है।
अध्ययन में बताया गया है कि LASSS नामक यह यौगिक 'हेपेटोसाइट ग्रोथ फैक्टर (HGF)' प्रोटीन को रासायनिक बदलावों से बचाता है, जो इसकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इससे मांसपेशी ऊतकों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया मजबूत होती है।
मांसपेशी क्षय से पीड़ित चूहों पर किए गए प्रयोगों में पाया गया कि इस यौगिक के इस्तेमाल के बाद मांसपेशी ऊतकों में हानिकारक रासायनिक बदलावों में स्पष्ट कमी आई। इससे भविष्य में इसे बुजुर्गों और मांसपेशी हानि से जूझ रहे लोगों के लिए उपचार के रूप में इस्तेमाल की संभावना बढ़ी है।
शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि ये परिणाम अभी शुरुआती चरण में हैं और मानवों पर इसकी प्रभावशीलता और सुरक्षा की पुष्टि के लिए और अध्ययन की आवश्यकता है। इसके बावजूद, यह खोज मांसपेशी क्षय की रोकथाम और मांसपेशी ऊतक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नई विधियाँ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रगति है।
