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जीवनशैली

नींद संबंधी विकारों से मस्तिष्क में भी बदलाव: अध्ययन

एक नए अध्ययन में पाया गया है कि नींद की गड़बड़ियाँ केवल थकान तक सीमित नहीं, बल्कि मस्तिष्क के कई अहम हिस्सों में बदलाव लाती हैं।

अजेल हिंदी2 घंटे पहले · 1 मिनट का पठन
नींद के दौरान मस्तिष्क में बदलाव का चित्रण

मुख्य बिंदु

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एक वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया है कि नींद संबंधी विकारों का असर केवल दिन में थकान महसूस करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मस्तिष्क के उन हिस्सों में भी बदलाव लाता है जो ध्यान, निर्णय लेने और भावनाओं के नियंत्रण के लिए जिम्मेदार हैं।

फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 57 पूर्ववर्ती अध्ययनों के नतीजों का विश्लेषण किया, जिनमें मस्तिष्क इमेजिंग तकनीकों का इस्तेमाल हुआ था। उन्होंने अलग-अलग तरह की नींद संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की तुलना की और पाया कि इन विकारों का संबंध मस्तिष्क के महत्वपूर्ण हिस्सों—जैसे पिछली सिंगुलेट कॉर्टेक्स और थैलेमस—में बदलाव से है। ये हिस्से व्यवहार, भावनाओं, सूचना प्रसंस्करण और ध्यान से जुड़े हैं।

शोधकर्ताओं ने बताया कि ये बदलाव उन लक्षणों की व्याख्या कर सकते हैं जिनका सामना मरीज करते हैं, जैसे मूड में उतार-चढ़ाव, भावनाओं पर नियंत्रण में कमी और ध्यान में गिरावट। इससे चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर उन बुजुर्गों में जो बार-बार नींद में बाधा का शिकार होते हैं।

शोध टीम के प्रमुख और विश्वविद्यालय के संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मैथ्यू सदरलैंड ने कहा, "यह अध्ययन यह समझने में मदद करता है कि नींद संबंधी विकार मस्तिष्क की संरचना और कार्य को कैसे प्रभावित करते हैं। इससे अधिक सटीक उपचार और मरीजों के लिए व्यक्तिगत देखभाल विकसित करने में मदद मिल सकती है।"

विशेषज्ञों का कहना है कि इस अध्ययन के नतीजे नींद संबंधी विभिन्न विकारों के लिए नई जांच विधियों और उपचारों के विकास में सहायक हो सकते हैं, जिससे ध्यान, निर्णय क्षमता और भावनात्मक संतुलन से जुड़ी मस्तिष्कीय कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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