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जीवनशैली

फ्रुक्टोज़ से कैंसर के लौटने और फैलने का खतरा: अध्ययन

एक नई रिसर्च में पाया गया है कि आम आहार में पाया जाने वाला फ्रुक्टोज़ कैंसर कोशिकाओं को कीमोथेरेपी के बाद दोबारा फैलने के लिए प्रेरित कर सकता है।

अजेल हिंदी2 घंटे पहले · 3 मिनट का पठन
फ्रुक्टोज़ और कैंसर रिसर्च से जुड़ी प्रतीकात्मक छवि

मुख्य बिंदु

AI

एक नई रिसर्च में सामने आया है कि साधारण फ्रुक्टोज़ शुगर कैंसर कोशिकाओं के लिए एक आणविक संकेतक का काम कर सकता है, जिससे कीमोथेरेपी के बाद बची हुई कैंसर कोशिकाएं शरीर में दोबारा फैलने लगती हैं। यह खोज इस बात की व्याख्या कर सकती है कि इलाज के बाद भी बीमारी क्यों लौट आती है।

"इंडिपेंडेंट" के मुताबिक, प्राकृतिक साधारण फ्रुक्टोज़ को "फलों की शक्कर" भी कहा जाता है, क्योंकि यह फल, शहद और कुछ सब्ज़ियों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। लेकिन आधुनिक आहार में इसका इस्तेमाल एक कृत्रिम स्वीटनर के तौर पर भी होता है, जिसे बड़ी मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक, मीठे जूस, मिठाइयों, प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड में मिलाया जाता है।

यह अध्ययन फिलाडेल्फिया स्थित वेस्टार इंस्टीट्यूट की टीम ने किया और इसे "नेचर एजिंग" पत्रिका में प्रकाशित किया गया। रिसर्च मुख्य रूप से ओवरी (अंडाशय) के कैंसर पर केंद्रित थी, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके नतीजे अन्य कैंसर पर भी लागू हो सकते हैं।

जब कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी दी जाती है, तो सभी कैंसर कोशिकाएं नष्ट नहीं होतीं। कुछ कोशिकाएं बच जाती हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि ये बची हुई कोशिकाएं, भले ही विभाजित होना बंद कर दें, जैविक रूप से सक्रिय रहती हैं और पास की कैंसर कोशिकाओं को संकेत भेजती हैं, जिससे वे शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने लगती हैं।

अध्ययन के प्रमुख लेखक ऐडन कोल ने कहा, "हमारा शोध शुरुआती अध्ययनों में से है, जिसमें दिखाया गया है कि एक पोषक तत्व — फ्रुक्टोज़ — इन संकेतों में से एक की तरह काम कर सकता है।"

रिसर्च में उन महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया जिन्हें प्लैटिनम-आधारित कीमोथेरेपी दी गई थी। शुरुआत में वे इलाज का अच्छा जवाब देती हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में कैंसर पेट के भीतर दोबारा फैल जाता है। कीमोथेरेपी के बाद होने वाला यह दोबारा फैलाव ओवरी कैंसर से जुड़ी लगभग 90% मौतों के लिए जिम्मेदार है।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि कीमोथेरेपी से बची कोशिकाओं द्वारा छोड़ी गई अणु अकेले ही कैंसर कोशिकाओं के फैलाव को काफी बढ़ा सकते हैं। पहली बार यह प्रभाव सिर्फ लैब में नहीं, बल्कि पशु मॉडल में भी साबित हुआ है।

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भले ही किसी ने कीमोथेरेपी न कराई हो, अगर फ्रुक्टोज़ का अधिक सेवन किया जाए — जैसे मीठे पेय और जूस में — तो भी यह कैंसर कोशिकाओं के फैलाव को बढ़ावा दे सकता है।

हालांकि, मरीजों पर फ्रुक्टोज़ सेवन कम करने की प्रभावशीलता अभी साबित नहीं हुई है, लेकिन यह खोज कैंसर के विकास में पोषण की भूमिका को समझने का नया रास्ता खोलती है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि ये नतीजे सिर्फ ओवरी कैंसर तक सीमित नहीं हैं। वे आगे अन्य प्रकार के कैंसर पर भी ऐसे परीक्षण करने की योजना बना रहे हैं। इससे पोषण, कीमोथेरेपी और ट्यूमर के फैलाव के रिश्ते को समझने का नया क्षेत्र खुल सकता है और यह सवाल भी उठता है कि मौजूदा इलाज को कैसे बेहतर बनाया जाए और बीमारी की वापसी की संभावना को कैसे कम किया जाए।

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